मुजफ्फरनगर में होली के रंग में 'हादसों' का भंग, जिला अस्पताल में बढ़ा मरीजों का रेला, हाई अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
इमरजेंसी में डबल स्टाफ तैनात, अब तक 22 से अधिक घायल पहुँचे अस्पताल, एक की मौत
मुजफ्फरनगर। जनपद में होली महोत्सव के दौरान खुशियों के बीच सड़क हादसों ने मातम पसरा दिया है। त्यौहार के दिन सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर 'डबल स्टाफ' की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी घायल को उपचार में देरी न हो।
मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. उमंग सिंघल ने बताया कि होली के दिन अब तक लगभग 20 से 22 सड़क हादसों के मामले सामने आ चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इन स्थितियों से निपटने के लिए पहले ही पुख्ता इंतजाम किए थे। डॉ. सिंघल के अनुसार, जिन मरीजों को हल्की चोटें आई थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार देकर डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं, जिन घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल हायर सेंटर (मेरठ/दिल्ली) रेफर किया गया है। वर्तमान में कई मरीजों का उपचार जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में निरंतर चल रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द, राउंड द क्लॉक ड्यूटी
अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और इंटर्न की अतिरिक्त टीमें लगाई गई हैं। डॉ. सिंघल ने स्पष्ट किया कि होली के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है, इसी के मद्देनजर हमने स्टाफ की संख्या दोगुनी कर दी है। हमारे स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं ताकि आने वाले हर मरीज को तत्काल रिस्पांस मिले।
एक युवक की मौत, मोर्चरी में रखवाया शव
हादसों की इस कड़ी में एक दुखद खबर यह भी रही कि अस्पताल में एक 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल लाने से पहले मृत) केस भी पहुँचा। युवक की मौत दुर्घटना के दौरान मौके पर ही हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है और संबंधित पुलिस थाने को कानूनी कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया गया है।
सावधानी की अपील
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि होली का त्यौहार सावधानी से मनाएं। शराब पीकर वाहन न चलाएं और तेज रफ्तार से बचें। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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