सफलता और आत्म-संयम के लिए अनुशासन का महत्व
जीवन में सफलता प्राप्त करने और आगे बढ़ने के लिए मेहनत आवश्यक है, लेकिन अनुशासन का महत्व उससे भी अधिक है। अनुशासन का अर्थ है शारीरिक और मानसिक स्तर पर जीवन को सुव्यवस्थित करना। अनुशासित व्यक्ति ही वास्तविक साधक बन पाता है।
इन्द्रियां अनुशासित होंगी तो मन भी अनुशासित रहेगा। और जब मन को अनुशासित करने का अभ्यास करेंगे, तो इन्द्रियों में भी अनुशासन लाना आसान हो जाएगा। यह इसलिए क्योंकि शरीर और मन एक सिक्के के दो पहलू हैं। शरीर मन का बहिरंग है और मन शरीर का अन्तरंग।
जब हम अनुशासनपूर्ण जीवन का अभ्यास करते हैं, तो धीरे-धीरे यह स्वभाव का हिस्सा बन जाता है। अनुशासन न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए, बल्कि आध्यात्मिक और सांसारिक जीवन में भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। प्रकृति भी ऐसे अनुशासित व्यक्तियों का सहयोग करती है और उनके प्रयासों को सहज बनाती है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
"गन्ना विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रण पाल सिंह राणा बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। प्रशासनिक सेवाओं में एक लंबा और सफल कार्यकाल बिताने के साथ-साथ, पिछले 50 वर्षों से ज्योतिष, वेद और अध्यात्म के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दी है।
श्री राणा पिछले 30 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' के माध्यम से प्रतिदिन 'अनमोल वचन' स्तंभ लिख रहे हैं, जो पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। उनके लिखे विचार न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि पाठकों को जीवन की चुनौतियों के बीच सकारात्मक दिशा और मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़ने की उनकी कला को पाठकों द्वारा वर्षों से सराहा और पसंद किया जा रहा है।"

टिप्पणियां