नीति की बात !
जब रावण युद्ध में घायल होकर मरणासन्न था तो भगवान राम की आज्ञानुसार लक्ष्मण रावण के निकट गया और उसे कहा कि कुछ नीति की बात बताओ। रावण ने कहा कि मैं धर्म के मर्म को जानता हूं, परन्तु मेरे भीतर वह क्षमता नहीं कि मैं धर्म के द्वारा स्वयं को अनुशासित कर सकूं, क्योंकि […]
जब रावण युद्ध में घायल होकर मरणासन्न था तो भगवान राम की आज्ञानुसार लक्ष्मण रावण के निकट गया और उसे कहा कि कुछ नीति की बात बताओ।
रावण ने कहा कि मैं धर्म के मर्म को जानता हूं, परन्तु मेरे भीतर वह क्षमता नहीं कि मैं धर्म के द्वारा स्वयं को अनुशासित कर सकूं, क्योंकि मेरी मृत्यु सन्निकट है फिर भी मैं कुछ नीति की बात तुम्हें बताता हूं।
रावण कहता है कि लक्ष्मण कभी भी अच्छा काम कल पर न छोडऩा। मैं स्वर्ग तक सोने की सीढ़ी बनाना चाहता था। खारे समुद्र के पानी को मीठा करना चाहता था, उससे युग-युग तक लोग मेरी कीर्ति को गाते कि रावण कैसा विद्वान रहा होगा, जिसने समुद्र के खारे जल को मीठा कर दिया। मैंने इन कार्यों को कल पर छोड़ दिया।
अब मुझमें वह क्षमता शेष नहीं रही कि मैं ऐसा कर सकूं, क्योंकि मेरे कुल में तो कोई दीपक जलाने वाला भी नहीं रहा। यदि मैं इस कार्य को कल पर न छोड़ता तो मुझे निश्चित सफलता मिलती।
इसलिए कहता हूं कि अच्छा और हितकारी कार्य कल पर न छोड़े। धर्म पर चले। धर्म भी उसी की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करता है। अपने जीवन में ज्ञान को उतारे तो हमारे जीवन में निश्चित रूप से प्रकाश होगा। इसी से समाज का उद्धार होगा।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां