बंगलादेश-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता, आयात शुल्क घटकर हुआ 19 प्रतिशत
व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बंगलादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बंगलादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।
यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक 'अभूतपूर्व पहुंच' के रूप में वर्णित किया है।
अमेरिका और बंगलादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य 'द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना' और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए 'बाजार पहुंच का विस्तार करना' है।
सौदे के तहत, बंगलादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए 'महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच' प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।
दोनों देशों ने 'द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं' को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बंगलादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मािनर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।
बंगलादेश ने 'विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण' की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
इसके अतिरिक्त बंगलादेश ने 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों' की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है।
समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बंगलादेश भौगोलिक संकेतों पर 'महत्वपूर्ण प्रावधानों' पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।
दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए 'आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा' को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन, 'बंगलादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।'
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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