सेलेनियम: इसकी थोड़ी सी कमी और बिगड़ सकती है आपकी पूरी सेहत
नई दिल्ली। सेलेनियम एक ऐसा खनिज है जिसकी जरूरत शरीर को बहुत ही कम मात्रा में होती है, लेकिन इसका असर बेहद गहरा होता है। इसे विज्ञान में 'एसेंशियल ट्रेस एलिमेंट' कहा जाता है, यानी बिना इसके शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। सेलेनियम मिट्टी, पानी और कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। शरीर के अंदर यह सेलेनोप्रोटीन बनाने में मदद करता है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने, डीएनए की सुरक्षा करने और कई ज़रूरी जैविक प्रक्रियाओं को सही ढंग से चलाने का काम करता है। आसान शब्दों में कहें तो सेलेनियम शरीर का साइलेंट बॉडीगार्ड है, जो बिना शोर किए हमारी सेहत की रक्षा करता रहता है। सेलेनियम का सबसे बड़ा रोल थायराइड ग्रंथि में होता है।
दिमाग के लिए भी इसका योगदान बड़ा है, क्योंकि इसका एंटीऑक्सीडेंट असर याददाश्त को बचाने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है। अगर शरीर में सेलेनियम की कमी हो जाए तो बार-बार संक्रमण, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, बालों का झड़ना, थायराइड असंतुलन और मानसिक थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर दिल की मांसपेशियों को नुकसान और इम्युनिटी में भारी गिरावट देखी जा सकती है। सेलेनियम हमें ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज, गेहूं, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, सोयाबीन, ब्राउन राइस और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से मिल सकता है। वयस्कों के लिए रोजाना लगभग 55 माइक्रोग्राम सेलेनियम पर्याप्त होता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि इसकी अधिक मात्रा भी नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।
