मुजफ्फरनगर। भारी वर्षा ने पुरकाजी क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई स्थानों पर पानी निकासी का रास्ता बंद होने के कारण खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। फसलों को पानी में डूबा देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि करीब 20 साल बाद क्षेत्र में इतनी अधिक बारिश और जलभराव की स्थिति बनी है। समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो हजारों बीघा फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों की इस परेशानी की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार शुक्रवार को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के इंतजार में बैठने के बजाय खुद धरातल पर पहुंचे। उन्होंने लखनौती, हरैटी, सलेमपुर और भैसानी के जंगलों में पहुंचकर जलमग्न फसलों का जायजा लिया। मंत्री ने किसानों के साथ खेतों में पैदल घूमकर स्थिति देखी और पानी की निकासी में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।
किसानों ने फोन कर बताई थी खेतों में पानी भरने की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते पहले ही खेतों में पानी भरना शुरू हो गया था। इसके बाद मुख्य नाले में पानी की निकासी बाधित होने से स्थिति और गंभीर हो गई। किसानों ने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार को फोन कर समस्या की जानकारी दी और बताया कि लंबे समय से नाले की सफाई नहीं होने के कारण पानी आगे नहीं जा पा रहा है। किसानों का कहना था कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो फसलों में बीमारी फैल सकती है और खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इसके अलावा खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते भी जलभराव के कारण बाधित हो गए हैं।
सूचना मिलते ही लखनौती पहुंचे कैबिनेट मंत्री
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार शुक्रवार को लखनौती पहुंचे। उनके साथ ग्राम प्रधान चौधरी रविंदर कुमार और हरैटी के प्रधान विवेक राठी भी रहे। इसके बाद मंत्री किसानों के साथ पैदल जंगल की ओर निकल पड़े और जलभराव की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। मंत्री ने लखनौती, हरैटी, सलेमपुर और भैसानी के जंगलों में पहुंचकर खेतों में खड़ी फसलों को पानी में डूबा देखा। कई स्थानों पर खेतों में इतना पानी भरा था कि फसल का बड़ा हिस्सा दिखाई तक नहीं दे रहा था। किसानों ने मंत्री को मौके पर ही पानी निकासी की पूरी समस्या और नाले की स्थिति के बारे में जानकारी दी।
20 साल बाद खेतों में दिखा इतना पानी
ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि करीब दो दशक बाद क्षेत्र में इतनी ज्यादा बारिश हुई है। पहले भी बारिश होती रही है, लेकिन नालों की सफाई और पानी की उचित निकासी होने के कारण खेतों में इस तरह लंबे समय तक जलभराव नहीं होता था। किसानों का कहना था कि इस बार बारिश के साथ नाले के अवरुद्ध होने से समस्या विकराल हो गई है। पानी खेतों से निकल नहीं पा रहा है। यदि जल्द नाले की सफाई नहीं हुई तो धान, गन्ना और अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
राजवाहे के नीचे बंद पड़ी पुलिया बनी सबसे बड़ी बाधा
निरीक्षण के दौरान जलभराव की असली वजह भी सामने आई। किसानों ने बताया कि क्षेत्र का मुख्य नाला सहारनपुर जनपद के गांव गोपाली से होकर थितकी की काली नदी में जाकर मिलता है। यह नाला भैसानी के जंगल में एक राजवाहे के नीचे से होकर गुजरता है। राजवाहे के नीचे बनी पुलिया की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। मिट्टी, गाद और अन्य अवरोध जमा होने के कारण पुलिया पूरी तरह बंद हो चुकी है। नाले का पानी इस पुलिया से आगे नहीं निकल पा रहा है। इसके चलते पानी पीछे की ओर फैलकर लखनौती, हरैटी और आसपास के क्षेत्रों के खेतों में जमा हो रहा है। किसानों ने मंत्री को मौके पर ले जाकर बंद पड़ी पुलिया और अवरुद्ध नाले की स्थिति दिखाई। मंत्री ने भी मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया और माना कि पानी की निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
‘जल्द अधिकारियों के साथ दोबारा आएंगे’, मंत्री ने दिया भरोसा
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने किसानों की समस्या को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि जलभराव की समस्या को लंबे समय के लिए समाप्त कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही सिंचाई विभाग और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ मौके पर दोबारा आएंगे। मंत्री ने कहा कि नाले की खुदाई, सफाई और राजवाहे के नीचे बंद पड़ी पुलिया को खोलने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि पानी की निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कर समस्या का स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
फसल बर्बादी के खतरे से किसानों की बढ़ी चिंता
खेतों में कई दिनों से पानी जमा होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्द नहीं निकला तो खड़ी फसल सड़ने लगेगी और उसमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने मंत्री से मांग की कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय नाले और पुलिया की स्थायी सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में भी ऐसी स्थिति पैदा होने पर खेतों में पानी जमा न हो।
पैदल खेतों में पहुंचे मंत्री, किसानों में जगी उम्मीद
भारी जलभराव के बावजूद कैबिनेट मंत्री का किसानों के साथ खेतों में पैदल पहुंचना चर्चा का विषय रहा। मंत्री ने मौके पर खड़े होकर किसानों की समस्याएं सुनीं और जलभराव के कारणों को समझा। किसानों ने भी उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों को उम्मीद जगी है कि अब वर्षों से बंद पड़े नाले और पुलिया की सफाई का काम तेजी से कराया जाएगा और खेतों में जमा पानी की निकासी हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान प्रधान चौधरी रविंदर कुमार, प्रधान विवेक राठी, मंडल अध्यक्ष अजय पवार, भाजपा नेता मनोज चौहान, विपिन राठी उर्फ राजू राठी, बिट्टू राठी, गन्ना समिति अध्यक्ष भोला, चांदवीर सिंह, नरेश, पुष्पेंद्र, नरेंद्र, साधु गुर्जर, नीतू अहलावत, जोगिंदर राठी, अनुभव सैनी और युद्धवीर सिंह राठी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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