शामली: वी आर ट्रेडर्स पर फर्जी बिलिंग और जीएसटी से राज्य को करोड़ों की राजस्व हानि का आरोप
शामली। जिले में जीएसटी के तहत पंजीकृत फर्म वी आर ट्रेडर्स पर फर्जी बिलिंग व गलत आंकड़े प्रस्तुत कर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में राज्य कर विभाग द्वारा एसपी को तहरीर देकर फर्म के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सहायक आयुक्त, राज्य कर खंड-1 ने बताया कि केन्द्रीय जीएसटी में पंजीकृत फर्म वी आर ट्रेडर्स द्वारा मार्च 2025 की मासिक रिटर्न जीएसटीआर 3बी 11 मई 2025 को दाखिल की गई। रिटर्न में फर्म ने लगभग 20.30 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाते हुए कुल 3.65 करोड़ रुपये की कर देयता घोषित की। इसमें आईजीएसटी, सीजीएसटी व एसजीएसटी की इनपुट टैक्स क्रेडिट से समायोजन किया गया। विभागीय जांच में फर्म के बिल-पर्चों के आधार पर मात्र कागजी खरीद-बिक्री किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान यह पाया गया कि फर्म द्वारा वास्तविक व्यापार के बिना ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया, जिससे एसजीएसटी के रूप में लगभग 1.82 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति राज्य सरकार को हुई।
राज्य कर विभाग ने इस संबंध में केन्द्रीय जीएसटी अधिकारियों को भी अवगत कराया था, जिसके बाद फर्म का जीएसटी पंजीकरण 27 जनवरी 2025 से निरस्त कर दिया गया। पंजीयन निरस्तीकरण की कार्यवाही के दौरान फर्म द्वारा अपलोड किए गए पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा बिजली बिल आदि दस्तावेजों की भी जांच की गई। सहायक आयुक्त, राज्य कर खंड-1 द्वारा पुलिस को भेजी गई तहरीर में कहा गया है कि राजस्व हित में फर्म वी आर ट्रेडर्स तथा उसके प्रोपराइटर विशाल राजवंशी निवासी ग्राम कुंडाना के विरुद्ध धोखाधड़ी, कर अपवंचन व अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए। एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
