गुरुकुलम स्कूल रंगदारी मामला: पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट संचालक, अफसरों की चौखट पर बोले— "मैं ही टारगेट क्यों?"
मेरठ। थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के 'द गुरुकुलम स्कूल' के संचालक से लाखों की रंगदारी मांगने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने जिस तरह से इस मामले का खुलासा किया और आरोपियों को जेल भेजा, उससे स्कूल संचालक बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। शुक्रवार को पीड़ित संचालक ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई।
क्या है संचालक का पक्ष?
"आखिर शहर में इतने स्कूल और व्यापारिक संस्थान हैं, तो मैं ही अपराधियों के निशाने पर क्यों हूँ? पुलिस ने जिसे मुख्य आरोपी बताया है, उससे मेरी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी, फिर इतनी बड़ी रंगदारी की मांग के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है?"
पुलिसिया खुलासे पर उठे सवाल
हाल ही में मेरठ पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने रंगदारी मांगने वाले गिरोह को दबोच लिया है। लेकिन संचालक का आरोप है कि:
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साजिश की गहराई: पुलिस ने केवल कॉल करने वालों को पकड़ा है, लेकिन यह पता नहीं लगाया कि उन्हें संचालक की निजी जानकारी और लोकेशन किसने दी।
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सुरक्षा का भय: संचालक का मानना है कि जब तक असली सूत्रधार बाहर है, उनके और उनके परिवार की जान को खतरा बना रहेगा।
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जांच का तरीका: पीड़ित ने मांग की है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संदिग्धों के पुराने रिकॉर्ड्स की और गहनता से जांच होनी चाहिए।
अफसरों का आश्वासन
अधिकारियों ने स्कूल संचालक की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की फाइल बंद नहीं हुई है। पुलिस टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस रंगदारी के पीछे कोई करीबी व्यक्ति या कोई पुराना विवाद तो नहीं है। अधिकारियों ने संचालक की सुरक्षा की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं।
