बागपत में पुलिस मुठभेड़ में दो गोतस्करों को लगी गोली, मांस और छुरी भी बरामद

बागपत। जिले के रमाला थाना क्षेत्र के असारा के जंगल में पुलिस ने रात मुठभेड़ के बाद चार गोवंश तस्करों को दबोच लिया। पुलिस की गोली लगने से दो तस्कर घायल हो गए। पुलिस ने चारों गौतस्करों के कब्जे से डेढ़ कुन्तल प्रतिबंधित मांस, एक कुल्हाड़ी, दो छुरी, चार रस्सी के अलावा एक बडा गंडासा, […]
बागपत। जिले के रमाला थाना क्षेत्र के असारा के जंगल में पुलिस ने रात मुठभेड़ के बाद चार गोवंश तस्करों को दबोच लिया। पुलिस की गोली लगने से दो तस्कर घायल हो गए।
पुलिस ने चारों गौतस्करों के कब्जे से डेढ़ कुन्तल प्रतिबंधित मांस, एक कुल्हाड़ी, दो छुरी, चार रस्सी के अलावा एक बडा गंडासा, दो तमंचे, दो कारतूस बरामद किए। घायल तस्करों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि देर रात पुलिस को सूचना मिली कि असारा सूजती मार्ग पर बने एक नलकूप के पास गौतस्कर गौकशी कर रहे हैं। थाना पुलिस फोर्स के साथ असारा के जंगल मे पहुंची।
अपनी ओर आता देखकर गौतस्करों ने पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो गौतस्कर पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए जबकि दो गौतस्कर भागने लगे पुलिस ने उन दोनों गौतस्करों को भी पीछा कर पकड लिया। पुलिस ने दोनों घायल गौतस्करों को बडौत सीएचसी मे भर्ती कराया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां