बिजनौर: हिदायतपुर टांडा गांव में गुलदार का कहर - महिला पर हमला करने के बाद किसान को गंभीर रूप से घायल किया, ग्रामीणों में दहशत
अफजलगढ़ (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के अफजलगढ़ क्षेत्र के हिदायतपुर टांडा गांव में रविवार शाम गुलदार ने खौफनाक कहर बरपाया। खेत में चारा लेने गई एक महिला पर हमले का प्रयास करने के बाद उसी गुलदार ने गांव के ही एक किसान पर हमला बोल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने हादसे के बाद हंगामा मचाया और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई है और लोग रातों को घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
हिदायतपुर टांडा गांव निवासी गीता देवी पत्नी तेजपाल सिंह रविवार शाम करीब 4 बजे अपने खेत में चारा लेने गई थीं। अचानक झाड़ियों से निकला गुलदार उन पर झपटा। चिल्लाने लगीं गीता को देखते हुए पास के ही खेत में काम कर रहे राजेंद्र सिंह और अन्य किसानों ने शोर मचाकर गुलदार को भगाने का प्रयास किया। लेकिन गुलदार उसी क्रोध में राजेंद्र सिंह पर टूट पड़ा और उसके पैरों व बाजुओं पर गंभीर घाव कर दिए। खून से लथपथ राजेंद्र को ग्रामीणों ने तुरंत सीएचसी अफजलगढ़ पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। शोर शराबे की आवाज सुनकर आसपास के खेतों से लाठी-डंडे लेकर दौड़े किसानों ने गुलदार को खदेड़ दिया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
घायल राजेंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। सीएचसी के चिकित्सकों ने बताया कि गुलदार के नाखूनों से उसके शरीर पर गहरे घाव हैं और रेबीज का खतरा भी मंडरा रहा है। गीता देवी ने हादसे का जिक्र करते हुए कहा, “मैं जान बचाने के लिए भागी तो गुलदार किसान भाई पर भड़क गया। जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच गया है ये जानवर।” ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से जंगल क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी की खबरें आ रही थीं, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब बच्चे-महिलाएं खेतों में जाने से डर रहे हैं।
इस घटना ने हिदायतपुर टांडा और आसपास के गांवों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए पिंजरा लगाने, ट्रैप कैमरे लगाने और शिकारी टीम भेजने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन करेंगे। नगीना रेंज के रेंजर प्रदीप कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “जल्द ही गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा जाएगा। लोगों से अपील है कि खेतों में अकेले न जाएं, शाम के बाद बाहर न निकलें और बच्चों को नजर में रखें।” वन विभाग ने गांव में जागरूकता अभियान चलाने और ट्रैकिंग शुरू करने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों में गुलदारों की बढ़ती संख्या किसानों के लिए नई मुसीबत बन गई है। जंगलों के सिकुड़ने और शहरीकरण से वन्यजीव खेतों तक पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन विभाग को ट्रैपिंग के साथ-साथ स्थानीय लोगों को जागरूक करना होगा। हिदायतपुर टांडा गांव के लोग रातों को जागकर पहरा दे रहे हैं। वन्यजीव प्रेमी संगठनों ने भी गुलदार को पकड़ने के बजाय उसके प्राकृतिक आवास में वापस भेजने की सलाह दी है। फिलहाल ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं और वन विभाग की टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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