मेरठ पहुंची जयाप्रदा बोलीं, ‘बंद हुआ आजम खान चेप्टर’
मेरठ। ढपली वाले ढपली बजा गीत पर छात्राओं की प्रस्तुतियां देख बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा भी खूब थिरकी। मंच पर छात्राओं के साथ नृत्य करके माहौल को खुशनुमा बना दिया। मौका था रविवार को मेरठ में शताब्दीनगर स्थित द अध्ययन स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह कहा का। इस दौरान जयाप्रदा ने आजम खां पर भी जमकर हमला […]
मेरठ। ढपली वाले ढपली बजा गीत पर छात्राओं की प्रस्तुतियां देख बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा भी खूब थिरकी। मंच पर छात्राओं के साथ नृत्य करके माहौल को खुशनुमा बना दिया।
मौका था रविवार को मेरठ में शताब्दीनगर स्थित द अध्ययन स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह कहा का। इस दौरान जयाप्रदा ने आजम खां पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा आजम खान चेप्टर अब हमेशा के लिए बंद हो चुका है।
समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद और फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने कहा कि स्कूल आने के बाद मां-बाप के बाद शिक्षक आपके अभिभावक होते हैं। कहा कि मैं जब स्कूल में थी तो ऐसे ही मंच पर नृत्य की प्रस्तुति दे रही थी, समारोह में अतिथि एक फिल्म प्रोड्यूशर थे।
उन्होंने मुझे देखा और मेरे पिता से कहा कि हम जया को फिल्मों में लेना चाहते हैं। मैं सिनेमा के बारे में कुछ नहीं जानती थी, लेकिन मैंने चुनौती स्वीकार की और मेहनत से काम किया। जिसके बाद मुझे बहुत सी फिल्में मिलीं।
कहा कि चुनौती से डरें नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करके आगे बढ़ें। समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां से सभी का मन मोह लिया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां