मेरठ रेंज में लोहड़ी व मकर संक्रान्ति के अवसर पर पुलिस ने की व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएँ
मेरठ। मेरठ रेंज में लोहड़ी व मकर संक्रान्ति के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक पुलिस प्रबन्ध किए गए हैं। पुलिस डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 13 जनवरी को लोहड़ी व 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति का पर्व मनाया जाता है। लोहड़ी के अवसर पर गुरूद्वारों में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा प्रभात फेरी/ शोभायात्रा निकाली जाती है तथा मकर संक्रान्ति पर स्नान व खिचडी वितरण के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। जिनके सकुशल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु परिक्षेत्र में सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कानून व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदों में 05 अपर पुलिस अधीक्षक, 18 सीओ, 57 निरीक्षक, 232 उ0नि0, 225 मु0आ0, 322 आरक्षी एवं 223 हो0गार्ड/पीआरडी की ड्यूटी लगाई गई है।
रेंज में गुरूद्वारों की कुल संख्या-117 है। जिसमें जनपद मेरठ में 62, बुलन्दशहर में 25, बागपत में 02 व जनपद हापुड़ में 28 गुरूद्वारे हैं।
कार्यक्रम वाले गुरूद्वारों की संख्या-54 हैं। जिसमें जनपद मेरठ में 43, बुलन्दशहर में 08, बागपत में 01 व जनपद हापुड़ में 02 गुरूद्वारों में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
अन्य कार्यक्रम(कीर्तन, पाठ, प्रसाद वितरण) की संख्या-62 हैं। जिसमें जनपद मेरठ में 43, बुलन्दशहर में 10, जनपद बागपत में 01 व हापुड़ में 08 कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
मकर संक्रान्ति पर स्नान घाट/ मेला स्थलों की संख्या जोन में 26 है। जिसमें मेरठ में 5, बुलन्दशहर 13, बागपत 7 व हापुड़ में 1
मकर संक्रान्ति पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों(कीर्तन/ प्रसाद/ खिचडी वितरण) की संख्या-22 है। जिसमें जनपद मेरठ मे 06, बुलन्दशहर में 06 व जनपद हापुड़ में 10 स्थानो पर कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
मेरठ रेंज की सभी जिलों के पुलिस द्वारा पीस कमेटी/ धर्म गुरू/ शांति समिति/ संभ्रान्त व्यक्ति/ आयोजको/ बिजली विभाग आदि के साथ 88 गोष्ठियां आयोजित कर ली गई हैं।
लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति के सकुशल आयोजन एवं सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत डीआईजी द्वारा परिक्षेत्र के जनपद प्रभारियो को दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिनमें कहा गया है कि ...
लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति के पर्व पर स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी कर आयोजनकर्ताओं से वार्ता करते हुए उनसे कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सक्रिय सहयोग प्राप्त कर लिया जाए ।
पीस कमेटियों एवं सभी समुदाय के गणमान्य धार्मिक व्यक्तियों जिसमें शान्ति समितियों, सिविल डिफेन्स संगठनो के सदस्यों, गुरुद्वारा संचालकों की थाना/जनपद स्तर पर शांति एवं सद्भावना बैठकें आयोजित की जायें ।
लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति के अवसर पर पूर्व में घटित घटनाओं और विवादों का अध्ययन कर लिया जाए तथा उक्त घटनाओं से संबंधित लोगो से वार्ता कर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए ।
लोहड़ी के पर्व पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले सत्संग, गुरबानी, संकीर्तन, प्रभात फेरी/शोभायात्रा के स्थानों/रास्तों पर समुचित सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व यातायात के प्रबन्ध कराए लिये जायें ।
पर्व के दृष्टिगत प्रमुख मार्गो पर बैरिकेटिंक लगाकर आने जाने वाले संदिग्ध वाहनो/व्यक्तियों की सघन चैकिंग कराई जाये
साम्प्रदायिक सदभाव बिगाड़ने वाले तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उन पर सतर्क दृष्टि रखी जाये ।
स्थानीय अभिसूचना इकाई की टास्किंग कर उपयोगी सूचनाओं को पूर्व मे ही एकत्र कर आवश्यक कार्यवाही कर ली जाएं ।
थानाध्यक्षों द्वारा मय समस्त पुलिस बल मय दंगा नियंत्रण उपकरणों के संवेदनशील स्थानों पर फ्लैग मार्च / पैदल मार्च किया जाये।
संवेदनशील स्थानों/मिश्रित आबादी वाले इलाको मे छतों की ड्यूटी,रात में प्रकाश की व्यवस्था, लाउडस्पीकर,सीडी आदि की व्यवस्था करा ली जाये।
लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति के पर्व पर लगने वाले समस्त बलों की स्थानीय स्तर पर ब्रीफिंग की जाये व अवसर की संवेदनशीलता से उनको अवगत कराया जाये ।
मकर संक्रान्ति स्नान व मेला के दृष्टिगत नदियों/घाटों को चिन्हित कर समस्त ड्यूटी बिन्दुओं का तत्काल भौतिक सत्यापन कर पुलिस प्रबन्ध योजना तैयार कर ली जाये ।
मकर संक्रान्ति स्नान पर्व/मेला के अवसर पर अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ की सम्भावना के दृष्टिगत यातायात नियंत्रण योजना कड़ाई से लागू किया जाये ।
मकर संक्रान्ति स्नान पर्व के अवसर पर माघ मेला में श्रद्धालु/स्नानार्थी काफी संख्या में ट्रेन के माध्यम से भी आगमन करेंगे। विगत में प्लेट फार्म परिवर्तित होने के कारण हुई घटना के दृष्टिगत रेल विभाग के पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अफरा-तफरी की स्थिति से बचने के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार कर ली जाए।
पुलिस/पीएसी बल, जल पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, घुड़सवार पुलिस, यातायात पुलिस, बीडीडीएस/ए०एस०चेक टीम एवं महिला पुलिस कर्मियो का योजनाबद्ध व्यवस्थापन किया जाये ।
स्नानार्थियों की सुरक्षा हेतु स्नान घाटों पर समुचित जल बेरीकेडिंग, गहरे पानी की पट्टिका/खतरा चिन्ह लगाया जाये ।
महत्वपूर्ण घाटों पर जल पुलिस द्वारा स्थानीय गोताखोरों निरन्तर निगरानीं सुनिश्चित करायी जाये ।
प्रमुख स्नान पर श्रद्धालुओं द्वारा रात्रि में ही स्नान करने व अन्य कार्यक्रमों के दृष्टिगत प्रकाश की उचित व्यवस्था करा ली जाये।
स्नान के दौरान घाटों पर महिलाओं से छेड़छाड़, लूट व चेन स्नैचिंग की सम्भावित घटनाओं की रोकथाम हेतु सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगायी जाये।
मिश्रित आबादी वाले स्थानों एवं साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर अधिक पुलिस बल लगाया जाये
ड्यूटी पर लगा पुलिस बल दंगा निरोधक उपकरण, बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, डण्डा आदि से लैस रखा जाए
अफवाह फैलने से रोका जाये एवं सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जाये । यदि किसी भी तरह से अफवाह फैलती है तो उसकी सही स्थिति के साथ खण्डन किया जाये।
