वाराणसी : पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही मामले में नगर निगम ने दो फर्मों पर लगाया जुर्माना
तय समय में कार्य पूरा न होने पर स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सार्वजनिक पार्कों के पुनर्विकास व सुंदरीकरण के कार्यों में देरी व लापरवाही पर नगर निगम एक्शन मोड में आ गया। वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शिथिलता बरतने के आरोप में संबंधित दो फर्मों पर 40,000 रुपये अर्थदंड (जुर्माना) लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
अशोक विहार, संजय नगर सहित शहर के विभिन्न पार्कों के पुनर्विकास के लिए स्मार्ट सिटी ने मई 2025 में मेसर्स बजरंगबली एंटरप्राइजेज से अनुबंध किया गया था। इस फर्म को फरवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करना है, लेकिन कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त है। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अमरेंद्र तिवारी ने फर्म पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए तत्काल मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने रविवार को दी।
उनकी तरफ से बताया गया कि लखनऊ की फर्म मेसर्स ईकोटोन सॉल्यूशंस पर विभाग ने और भी सख्त कार्रवाई की है। इस फर्म को भगवान दास, सिंधु नगर और छेदी लाल जैसे इलाकों के पार्कों का कायाकल्प जनवरी 2026 तक ही पूरा करना था, लेकिन डेडलाइन बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा लटका हुआ है। कार्य की गुणवत्ता और मानकों में कमी को देखते हुए मुख्य अभियंता ने फर्म पर 25 हजार रुपये का भारी अर्थदंड लगाया है।
कार्यों की सुस्त प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य अभियंता ने कहा कि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर अब किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में मानकों के अनुरूप कार्य पूरा
नहीं किया गया, तो फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ अनुबंध की अन्य कठोर शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संबंधित अभियंताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर रहकर शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित करें ताकि जनता को इन सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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