आजमगढ़ में 24 घंटे में दूसरी मुठभेड़, एक घायल गोतस्कर समेत दो गिरफ्तार
आज़मगढ़। जिले में पुलिस की सक्रियता के बीच 24 घंटे के भीतर दूसरी मुठभेड़ सामने आई है। जहानागंज थाना क्षेत्र में बीती रात गौतस्करी की सूचना पर घेराबंदी करने पहुंची। पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक गोतस्कर के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन, अवैध तमंचा-कारतूस और एक बछड़ा बरामद किया।
शनिवार की देर रात थाना जहानागंज पुलिस संदिग्ध वाहन चेकिंग व गश्त कर रही थी। इसी दौरान ग्राम गंभीरवन (बड़ैला ताल) के पास पिकअप में गोवंश लदे होने की सूचना मिली। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया।
घायल अभियुक्त की पहचान मोहीम अहमद पुत्र दिलशेर अहमद निवासी कोटिला (कंकाली टोला), थाना रानी की सराय तथा गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार पुत्र शोभनाथ निवासी जलाईपुर ऊंचेगांव, थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। घायल को जिला अस्पताल भेजा गया।
एसपी सीटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में घायल गोतस्कर से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से गौवध व गौ-तस्करी करते थे। सुनसान इलाकों से गोवंश पकड़कर अवैध वध किया जाता और मांस ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। अवशेष नदी-नालों में फेंककर साक्ष्य मिटाए जाते थे। घायल अभियुक्त पर गौवध, लूट, चोरी व आर्म्स एक्ट समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार रात अहरौला क्षेत्र में भी गौतस्करों से मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक गौतस्कर व हिस्ट्रीशीटर घायल हुआ था जबकि उसका साथी फरार हो गया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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