फरवरी में खरबूजे की खेती से कम समय में बंपर मुनाफा, ये हाइब्रिड किस्में बना देंगी खेत को कमाई की मशीन
गर्मियों में खरबूजे की मिठास सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहती बल्कि यह खेती करने वालों के लिए कमाई का मजबूत सहारा भी बनती है। फरवरी का महीना अगेती खरबूजे की खेती के लिए सबसे सही माना जाता है क्योंकि इस समय बोई गई फसल बाजार में सबसे पहले पहुंचती है। जब आवक कम होती है तब दाम ज्यादा मिलते हैं और यही कारण है कि सही किस्म चुनने पर एक ही सीजन में शानदार मुनाफा संभव हो जाता है।
हाइब्रिड किस्में क्यों बदल देती हैं कमाई की तस्वीर
पूसा मधुरस से मजबूत शुरुआत
यह किस्म अगेती खेती के लिए काफी पसंद की जाती है। इसके फल गोल और हल्के चपटे आकार के होते हैं। बाहर से रंग गहरा नजर आता है और अंदर का गूदा नारंगी होता है जो खाने में बहुत मीठा लगता है। एक फल का वजन लगभग सात सौ ग्राम तक रहता है। सही देखभाल के साथ इस किस्म से प्रति एकड़ साठ से पैंसठ क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है।
पंजाब संकर से स्थिर और भरोसेमंद उत्पादन
यह किस्म मध्यम आकार के गोल फलों के लिए जानी जाती है। इसका गूदा नारंगी रंग का होता है और स्वाद में काफी रसीला होता है। फल का औसत वजन करीब आठ सौ ग्राम तक पहुंच जाता है। यह किस्म उत्पादन के मामले में भी संतुलित मानी जाती है और प्रति एकड़ लगभग चौंसठ क्विंटल तक पैदावार देने की क्षमता रखती है।
हिसार मधुर से जल्दी तुड़ाई का फायदा
यह अगेती किस्म उन लोगों के लिए बेहतर मानी जाती है जो जल्दी बाजार में फसल उतारना चाहते हैं। इसके फल गहरे रंग के होते हैं और ऊपर सुंदर धारियां दिखती हैं। गूदा नारंगी और खुशबूदार होता है। बुवाई के लगभग पचहत्तर से अस्सी दिनों बाद तुड़ाई शुरू की जा सकती है जिससे बाजार में समय से पहले अच्छी कीमत मिलती है।
पूसा शरबती एस चार चार पांच का खास स्वाद
इस किस्म के फल गोल और मध्यम आकार के होते हैं। छिलका हल्के गुलाबी रंग का दिखाई देता है और अंदर का गूदा मोटा और बेहद मीठा होता है। यह किस्म स्वाद के कारण बाजार में अलग पहचान बनाती है। प्रति एकड़ चालीस से पचपन क्विंटल तक उत्पादन लेकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।
आई वी एम एम तीन से रिकॉर्ड पैदावार
यह किस्म पैदावार के मामले में सबसे आगे मानी जाती है। इसके फल हल्के पीले रंग के होते हैं और गूदा नारंगी तथा बहुत मीठा होता है। एक फल का वजन करीब पांच सौ से छह सौ ग्राम रहता है। यह किस्म सिर्फ साठ से सत्तर दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति एकड़ अस्सी से नब्बे क्विंटल तक उत्पादन देने की क्षमता रखती है।
सही समय और सही किस्म से बदल सकती है आमदनी
अगर फरवरी में सही किस्म का चुनाव कर लिया जाए और खेत की तैयारी समय पर की जाए तो खरबूजे की खेती कम समय में बड़ा लाभ देने वाली बन जाती है। बाजार की मांग को देखते हुए हाइब्रिड किस्में चुनना आज के समय में सबसे समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
फरवरी का महीना खरबूजे की अगेती खेती के लिए सुनहरा मौका लेकर आता है। सही हाइब्रिड किस्में कम समय में ज्यादा उत्पादन देती हैं और बाजार में बेहतर दाम दिलाती हैं। थोड़ी सी समझदारी और सही योजना के साथ यह खेती एक ही सीजन में मजबूत आमदनी का जरिया बन सकती है।
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लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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