कम लागत में बड़ी कमाई का मौका, गेंदा फूल की खेती से बढ़ेगी आय, फसलों को भी मिलेगा फायदा
भारत में कई ऐसे धार्मिक क्षेत्र हैं जहां भगवान शिव की पूजा में जल बेलपत्र और फूलों का विशेष महत्व होता है। बिना फूलों के शिव आराधना अधूरी मानी जाती है। इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में फूलों की मांग पूरे साल बनी रहती है। यही लगातार बनी रहने वाली मांग खेती करने वालों के लिए कमाई का मजबूत और भरोसेमंद अवसर बन सकती है।
फूलों की खेती क्यों बन रही है फायदेमंद विकल्प
आसान खेती जो हर खेत में संभव है
गेंदा फूल की खेती किसी भी सामान्य खेत में की जा सकती है। इसे सब्जियों अनाज या दलहन फसलों के साथ मेड़ पर या खाली जगह में लगाया जा सकता है। इसके लिए न ज्यादा पानी की जरूरत होती है और न ही भारी मात्रा में उर्वरक डालने की आवश्यकता पड़ती है। सही समय पर हल्की सिंचाई और निराई गुड़ाई से अच्छी पैदावार मिल जाती है।
साल भर बनी रहने वाली मांग का फायदा
धार्मिक अवसरों पर फूलों की खपत अचानक बढ़ जाती है। सावन महाशिवरात्रि और अन्य पूजा पर्वों के समय फूलों के दाम भी अच्छे मिलते हैं। ऐसे समय में गेंदा फूल की खेती करने वालों को सीधा फायदा होता है। यही वजह है कि यह खेती पारंपरिक फसलों के साथ आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है।
सही किस्म चुनने से बढ़ेगा उत्पादन
साल भर उपज देने वाली किस्म का चुनाव इस खेती की सफलता की कुंजी है। ऐसी किस्म जो ज्यादा बारिश तेज धूप या ठंड से खराब न हो लंबे समय तक फूल देती रहती है। इसके फूल टिकाऊ होते हैं और बाजार में इनकी मांग भी ज्यादा रहती है। लगातार तुड़ाई से उत्पादन बना रहता है और आमदनी स्थिर रहती है।
गेंदा फूल की खेती की सही विधि
गेंदा की खेती कम लागत में तैयार होने वाली फसल है। इसके लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है जिसमें जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। सबसे पहले नर्सरी तैयार की जाती है। एक एकड़ खेत के लिए लगभग 800 से 1000 ग्राम बीज पर्याप्त होते हैं। करीब 20 से 25 दिनों में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं।
रोपाई के 30 से 35 दिन बाद पिंचिंग करने से पौधों में अधिक शाखाएं निकलती हैं जिससे फूलों की संख्या बढ़ जाती है। लगभग 2 से 3 महीने तक लगातार फूलों का उत्पादन होता है। एक एकड़ खेत से 80 से 100 क्विंटल तक गेंदा फूल का उत्पादन संभव है।
कम समय में अच्छा मुनाफा
बाजार में गेंदा फूल की हमेशा अच्छी मांग रहती है। मौसम और मांग के अनुसार इसका भाव 15 से 40 रुपये प्रति किलो तक मिल सकता है। कम समय में तैयार होने वाली यह फसल अच्छी आमदनी देने में सक्षम है और खेत की उपजाऊ शक्ति को भी बनाए रखती है।
गेंदा फूल की खेती एक ऐसा विकल्प है जो कम लागत में स्थायी और भरोसेमंद कमाई का रास्ता खोल सकता है। यह न केवल अतिरिक्त आय देता है बल्कि मुख्य फसल की सुरक्षा भी करता है। सही तकनीक और सही किस्म के चयन से यह खेती लंबे समय तक खुशहाली ला सकती है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

टिप्पणियां