भारत का EV बाजार पलटा 2025 में TVS और Bajaj बने किंग Ola को लगा सबसे बड़ा झटका
भारत में इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार ने कैलेंडर ईयर 2025 में एक नई कहानी लिखी है। इस साल कुल बारह दशमलव आठ लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई जिसने बाजार को मजबूत ग्रोथ दी। सालाना आधार पर यह बढ़त ग्यारह दशमलव छत्तीस प्रतिशत रही। यह आंकड़ा बताता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब सिर्फ भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान बन चुकी है। लेकिन 2025 ने यह भी साफ कर दिया कि ग्राहकों का भरोसा अब तेजी से स्थापित कंपनियों की ओर जा रहा है।
TVS और Bajaj ने संभाली बाजार की कमान
Ather की उड़ान और Ola को बड़ा झटका
इस साल Ather Energy के लिए बेहद खास रहा। कंपनी ने दो लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचकर जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की। इसकी वजह 450 और Rizta रेंज की बढ़ती लोकप्रियता रही। इसके उलट Ola Electric के लिए 2025 चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कंपनी की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई जो यह संकेत देती है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा अब कहीं ज्यादा तेज और समझदार हो चुकी है।
Hero और Ampere की तेज बढ़त ने बदला समीकरण
इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार में Hero MotoCorp ने सबसे तेज ग्रोथ दिखाई। Vida इलेक्ट्रिक स्कूटर की मदद से कंपनी ने रिकॉर्ड बढ़त हासिल की और बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की। वहीं Greaves Electric Mobility की Ampere ब्रांड ने भी लगातार बढ़त दर्ज की। छोटे लेकिन उभरते ब्रांड्स जैसे River ने यह साबित किया कि प्रीमियम डिजाइन और अलग पहचान रखने वाले प्रोडक्ट्स के लिए भी बाजार में जगह बन रही है।
बाजार अब कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है
कैलेंडर ईयर 2025 ने साफ कर दिया कि इलेक्ट्रिक टू व्हीलर सेगमेंट अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। ग्रोथ जारी है लेकिन लीडरशिप अब उन्हीं कंपनियों के पास जा रही है जिनके पास मजबूत नेटवर्क भरोसेमंद प्रोडक्ट और सही कीमत पर बेहतर वैल्यू है। अन्य कैटेगरी में आई हल्की गिरावट यह इशारा करती है कि बाजार धीरे धीरे कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है।
2026 में क्या बदलेगा खेल
आने वाला साल 2026 इलेक्ट्रिक टू व्हीलर इंडस्ट्री के लिए और ज्यादा परिपक्व होने वाला है। नए मॉडल्स बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और कड़ी प्रतिस्पर्धा बाजार की दिशा तय करेगी। ग्राहक के लिए इसका मतलब होगा ज्यादा विकल्प बेहतर क्वालिटी और सही कीमत पर मजबूत प्रोडक्ट्स।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध रिटेल सेल्स डेटा और उद्योग रिपोर्ट्स पर आधारित है। आंकड़े राज्य शहर और रिपोर्टिंग सिस्टम के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी व्यावसायिक निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत की पुष्टि अवश्य करें।
