कराची शॉपिंग प्लाजा अग्निकांड के 67 मृतकों में से 16 की हुई पहचान..डीएनए टेस्ट से होगी अन्य की शिनाख्त
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कराची स्थित गुल शॉपिंग प्लाजा के अग्निकांड में मारे गए 67 लोगों में से 16 की पहचान हो सकी है। सभी का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। सिंध के गवर्नर ने घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए गुल प्लाजा त्रासदी की न्यायिक जांच कराने मांग की है।
दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कराची पुलिस सर्जन डॉ. सामिया सैयद ने कहा कि प्लाजा से बरामद 67 शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। अब तक 16 मृतकों की ही पहचान हो चुकी है। डॉ. सामिया सैयद ने बताया कि प्लाजा से बरामद छह शवों की पहचान हो गई थी, जबकि आठ पीड़ितों की पहचान डीएनए से हुई। एक शव की पहचान राष्ट्रीय पहचान पत्र से हुई, जबकि दूसरे की पहचान गले में पहने लॉकेट से हुई।
वरिष्ठ दमकल अधिकारी जफर खान ने बताया कि प्लाजा के भूतल में फिर से आग लग गई थी, लेकिन उसे सफलतापूर्वक बुझा दिया गया। उन्होंने कहा कि छत पर लगे डीजल टैंक को हटाने की प्रक्रिया के दौरान उसमें आग लग गई, जिसे तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। खान ने कहा कि बिल्डिंग का ढांचा बहुत कमजोर हो गया है। अब सिर्फ सर्च ऑपरेशन चल रहा है। मलबे से कोई भी साबुत शव नहीं मिल रहा है। सिर्फ कंकाल के अवशेष मिल रहे हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
