मुजफ्फरनगर/शाहपुर (Muzaffarnagar): जनपद मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र का गांव गोयला शनिवार को उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब पंजाब की पटियाला साइबर सेल की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का वरिष्ठ अधिकारी बताने वाले गिरोह के सरगना अमित बालियान को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को एक किसान संगठन के पदाधिकारी की कार से दबोचा गया।
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फेक कॉल: आरोपी सोशल मीडिया से जानकारी जुटाकर वियतनाम जैसे देशों के वर्चुअल नंबरों से कॉल करता था।
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डिजिटल अरेस्ट: पीड़ितों को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
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फर्जी कोर्ट रूम: ठगों ने एक फर्जी कोर्ट रूम सेटअप बना रखा था, जिसे वे वीडियो कॉल पर दिखाकर पीड़ितों को डराते थे कि वे 'डिजिटल अरेस्ट' हैं। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने पटियाला के एक व्यापारी से 50 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे।
किसान नेता की कार में हुई गिरफ्तारी: पंजाब पुलिस की टीम तकनीकी साक्ष्यों (IP Address) का पीछा करते हुए गोयला गांव पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी कर अमित बालियान को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के एक पदाधिकारी की कार में सवार होकर कहीं जाने की फिराक में था। पुलिस को देख उसके तीन अन्य साथी मौके से फरार होने में सफल रहे।
भारी मात्रा में कैश और फर्जी दस्तावेज बरामद: पुलिस ने आरोपी के पास से:
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20 लाख रुपये नकद
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फर्जी ईडी आई-कार्ड और दस्तावेज
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लैपटॉप, कई मोबाइल फोन और दर्जनों सिम कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में अमित ने कबूल किया कि उसने चंडीगढ़ और लुधियाना में भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।
जनता के लिए प्रशासन की अपील: एसएसपी मुजफ्फरनगर ने जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी विभाग (CBI, ED या पुलिस) वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करता है। यदि कोई ऐसा दबाव बनाए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। फिलहाल पुलिस फरार तीन साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
