पाकिस्तान: क्वेटा में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के एक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या
क्वेटा। पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) में कार्यरत एक वरिष्ठ अफसर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया ने बताया कि किल्ली इस्माइल इलाके की ये घटना है। पाकिस्तान के जाने-माने अखबार डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया कि इंस्पेक्टर मेथा खान हाल ही में सीटीडी का हिस्सा बने थे। उन्हें रविवार को हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी। उस वक्त वो किल्ली इस्माइल इलाके से गुजर रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार हथियारबंदों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने आगे कहा कि घटना के बाद बंदूकधारी मौके से भाग गए। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सेना या पुलिस से जुड़े कर्मियों और अफसरों की हत्या का ये मामला नया नहीं है। 4 मार्च को भी स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया था कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बाजौर जिले के वारा मामोंड तहसील में बदन पुलिस पोस्ट पर अज्ञात हमलावरों के स्नाइपर हमले में एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई), दौलत खान की मौत हो गई थी। इससे पहले 26 फरवरी को, बाजौर में खार तहसील के नवा कलाय इलाके में अबाबील पुलिस पेट्रोल पर अनजान लोगों के हमले में चार पुलिसवाले मारे गए थे और दो घायल हो गए थे।
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14 फरवरी को, वारा मामोंड पुलिस स्टेशन पर अनजान हथियारबंद लोगों के फायरिंग करने पर एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) गुल मनो दीन मारे गए। इस बीच, इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में सेना या पुलिस महकमे से जुड़े लोगों की मौत में इजाफा हुआ है। इसमें 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौर में आत्मघाती हमले भी बढ़े हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में 470 लोग मारे गए, वहीं 333 घायल हो गए। मरने वालों में 96 आम लोग, 80 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 294 मिलिटेंट शामिल रहे।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में 259 आम लोग, 50 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 24 मिलिटेंट शामिल हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि जनवरी की तुलना में सिक्योरिटी फोर्स के जवानों में 74 फीसदी, आम लोगों में 32 फीसदी और मिलिटेंट्स की मौत में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा में 53 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और छह आम लोग मारे गए, जबकि 35 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 48 आम लोग घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा में तीन सुसाइड बॉम्बिंग की घटनाएं हुईं, जिसमें 14 सिक्योरिटी फोर्स के जवानों समेत 17 लोगों की जान चली गई और 20 लोग घायल हुए। इस्लामाबाद में एक सुसाइड बॉम्बिंग की घटना में 34 लोग मारे गए और 165 अन्य घायल हुए। इसके अलावा, डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुसाइड बॉम्बिंग में दो पुलिस वाले मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। इस साल जनवरी और फरवरी में रिपोर्ट किए गए आठ सुसाइड अटैक 2025 के कुल का लगभग आधा है, जब ऐसी 17 घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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