प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 10 हजार किमी से अधिक ग्रामीण सड़क निर्माण को मंजूरी
-3,270 गांव और बस्तियों को पहली बार पक्की सड़क की मिलेगी सुविधा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (पीएमजीएसवाई -IV) के तहत जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम में 10,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन सड़कों के बनने से देश के करीब 3,270 गांव और बस्तियों को पहली बार पक्की सड़क की सुविधा मिलेगी।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को एक्स पर साझा की गई जानकारी में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पीएमजीएसवाई ग्रामीण भारत की कनेक्टिविटी को विस्तार देने का सशक्त माध्यम बनी है। पीएमजीएसवाई -IV के तहत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को मिली स्वीकृति ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इन स्वीकृत परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश की लगभग 3270 असंबद्ध बसावटों का पक्की सड़क से जुड़ जाने से ग्रामीणों को विकास के विभिन्न संसाधनों का लाभ मिलना आसान होगा। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्मित ये सड़कें पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक केवल आवागमन को सुदृढ़ नहीं कर रहीं, बल्कि विकास, अवसरों और समावेशी प्रगति के नए द्वार भी खोल रही हैं।
पीएमजीएसवाई -IV के तहत क्या होगा?
इस योजना के तहत मैदानी इलाकों में 500 से ज्यादा आबादी वाले गांव, पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में 250 से ज्यादा आबादी वाले गांव, आदिवासी, आकांक्षी जिले, रेगिस्तानी क्षेत्र और नक्सल प्रभावित इलाकों में 100 से अधिक आबादी वाले गांव
को सड़क से जोड़ा जाएगा। यह योजना जनगणना साल 2011 के आंकड़ों के आधार पर लागू की जा रही है।
इसके तहत देशभर में 62,500 किलोमीटर ऑल-वेदर (हर मौसम में चलने योग्य) सड़कें बनाई जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पुलों का निर्माण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 11 सितंबर 2024 को पीएमजीएसवाई -IV को मंजूरी दी थी। यह योजना वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक लागू रहेगी।
इस पर कुल 70,125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 49,087.50 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों का हिस्सा 21,037.50 करोड़ रुपये
खर्च करने होंगे।
यह योजना ग्रामीण भारत को मजबूत और देश के दूरदराज इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
