मुजफ्फरनगर: 'मेरे शरीर पर पड़ी लाठी ब्रिटिश राज के ताबूत की कील बनेगी'; लाला लाजपत राय की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब
मुजफ्फरनगर। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और 'पंजाब केसरी' के नाम से विख्यात लाला लाजपत राय की जयंती बुधवार को जनपद में श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई। वैश्य अग्रवाल महासभा के तत्वावधान में लाला लाजपत राय चौक पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और एक विचार गोष्ठी के माध्यम से उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया गया।
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आर्थिक और शैक्षिक स्वावलंबन के प्रणेता थे लाला जी
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव बंसल और उद्योगपति सतीश गोयल ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लाला जी ने न केवल आजादी की लड़ाई लड़ी, बल्कि डीएवी विद्यालयों के प्रसार और पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना कर देश में आर्थिक एवं शैक्षिक स्वावलंबन की नींव भी रखी। महामंत्री नवनीत कुच्छल ने उनके ऐतिहासिक कथन— "मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी" का उल्लेख कर राष्ट्रभक्ति का जोश भर दिया।
इस अवसर पर व्यापारी नेता संजय मित्तल, संरक्षक विजय गुप्ता, गोपाल मित्तल, राकेश तायल, अशोक अग्रवाल, धर्मेंद्र तायल, प्रदीप गर्ग, समीर मित्तल, मनीष गर्ग सहित वैश्य समाज के प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
कुलदीप सिंह वर्ष 2003 से निरंतर रॉयल बुलेटिन संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वह संस्थान की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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