पाकिस्तान: मंत्री ने आतंकवाद के लिए इमरान खान को ठहराया जिम्मेदार, पीटीआई बोली- जोकर हैं जिन्हें अवाम की फिक्र नहीं
लाहौर। पाकिस्तान अपने ही बुने जाल में हर दूसरे दिन फंस रहा है। बम विस्फोट और गोलीबारी की खबरें अब आम हो चली हैं। मासूम जनता जहां आतंकवाद की जंग में फना हो रही है, वहीं पाकिस्तानी सियासतदां एक दूसरे को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बड़बोले सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने आतंकवादी घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी का ठीकरा पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई पर फोड़ा तो जवाब में पीटीआई ने इसे 'नफरत भरा बयान' करार दिया।
प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन ने बताया कि मंत्री ने मुस्कुराते हुए पूर्व पीएम इमरान खान को तालिबान खान कह कर संबोधित किया। ये बातें शुक्रवार को इस्लामाबाद के एक इमाम बारगाह में हुए आत्मघाती हमले को लेकर शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गईं। जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या यह धमाका "सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी" था, तो तारार ने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं।"
उन्होंने कहा कि सेफ सिटी सिस्टम की मौजूदगी में और "सुरक्षा एजेंसियों के पास पूरे इंतजाम होने के बावजूद" इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में आतंकवादी हमला "निश्चित रूप से दुखद" था, लेकिन यह सुरक्षा में नाकामी नहीं थी।
तारार ने कहा, "मैं कुछ भी राजनीतिक नहीं कहना चाहता था, लेकिन आपको याद रखना चाहिए कि ऑपरेशन रद्दल फसाद और जर्ब-ए-अजब भी इसी देश में चलाए गए थे। आपको यह भी याद रखना चाहिए कि आत्मघाती हमले बंद हो गए थे। आपको यह भी याद रखना चाहिए कि कराची में भी शांति बहाल हो गई थी।"
तारार ने आगे कहा: "फिर, एक सरकार आई—मैं राजनीति के बारे में बात करने के इरादे से नहीं आया था [और] जिस संस्थान में मैं मौजूद हूं, उसे देखते हुए यह मुझे शोभा नहीं देता, लेकिन आपने इस विषय को छेड़ा है।
उन्होंने कहा, "मैं बस आपको याद दिलाना चाहता हूं कि किसी ने कहा था 'ये शांतिप्रिय लोग हैं और हमारे भाई हैं, हमें उनसे बात करनी चाहिए,' और उन्हें बसे हुए इलाकों में बसाया गया था।" उन्होंने परोक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हजारों लड़ाकों को देश में बसाने की योजना का जिक्र किया। मंत्री ने आगे कहा, "तालिबान खान की वही सोच; हम उसी सोच की कीमत चुका रहे हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य ने पहले भी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उन्हें देश से निकाला और मार डाला, और "आतंकवाद को खत्म कर दिया।"
तारार ने चुटकी लेते हुए कहा, "अब यह जो दहशतगर्दी वापस आई है तो इसके पीछे पीटीआई है।" पीटीआई ने मंत्री की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। आधिकारिक अकाउंट से किए पोस्ट में कहा: "एक भयानक आतंकी हमले के एक दिन बाद, सूचना मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाक करना, नफरत भरी कविता सुनाना और मुस्कुराना चुना।
"यह याद दिलाता है कि वे पाकिस्तानी आवाम की कितनी कम परवाह करते हैं।" पीटीआई ने एक अन्य आधिकारिक अकाउंट पोस्ट कर तारार को जोकर बताया। लिखा, "वे चार साल से सरकार में हैं, लेकिन जिस तरह से यह जोकर पीटीआई पर आरोप लगाते हुए मुस्कुरा रहे हैं, उससे साबित होता है कि सरकार किस तरह के घटिया लोगों के हाथ में सौंप दी गई है।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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