सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपितों पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमानत देने का आदेश दिया।सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को पंजाब के मनसा में कर दी गई थी। पवन बिश्नोई और जगतार सिंह पर हत्या के आरोपितों को वाहन उपलब्ध कराने का आरोप है।
पंजाब सरकार के वकील ने बिश्नोई की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उसके पास वाहन उपलब्ध कराने के लिए सह-आरोपितों की ओर से 41 फोन कॉल्स आए थे। तब पवन बिश्नोई की ओर से कहा गया कि हथियार किसी और ने उपलब्ध कराया था, लेकिन पवन बिश्नोई के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई। जगतार सिंह पवन बिश्नोई का पड़ोसी है। हत्या के बाद कनाडा का गैंगस्टर गोल्डी बरार ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। गोल्डी बरार भी बिश्नोई गैंग का सदस्य है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां