भागलपुर। जिले से जुड़े एक विवादित बयान ने सोशल मीडिया पर आग की तरह हलचल मचा दी है। एक महिला ने कहा कि “भागलपुर में 15 मिनट के लिए पुलिस हटी थी और बहती हुई गंगा में एक भी हिंदू की लाश नहीं थी।” यह बयान देशभर में आक्रोश और बहस का विषय बन चुका है।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं। एक तरफ लोग महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे “अभिव्यक्ति की आज़ादी” बताकर उसका बचाव कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर किसी बयान से सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका हो, तो उस पर आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस विवादित बयान को गंभीरता से लेगा या इसे नजरअंदाज कर देगा।
भागलपुर से जुड़ी इस मामले की हर अपडेट पर नज़र बनी हुई है, और आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कानून का डंडा इस बयान पर कब और कैसे चलेगा।
