गुरुग्राम: फर्जी बैंक खाता खोलकर पूर्व सैनिक के साढे छह लाख हड़पे
गुरुग्राम। बैंक के एक अकाउंटेंट ने मिलीभगत कर फर्जी बैंक खाता खोलकर पूर्व सैनिक के 6,55,459 रुपए हड़प लिए। पूर्व सैनिक ने हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा में आवास के लिए आवेदन किया था। आवास नहीं मिलने पर हाऊसिंग बोर्ड ने रुपए वापिस लौटाए थे। यह राशि फर्जी अकाउंट खोलकर हड़प ली गई। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को बताया कि पीडि़त की शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।
पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में गांव टीकली के तेजराज ने बताया कि वह पूर्व सैनिक है। उन्होंने हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा द्वारा घोषित पॉलिसी 2014 के तहत आवास के लिए आवेदन किया था। जिसके लिए एक जून 2014 को 2.06 लाख रुपये की राशि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक सेक्टर-4 के माध्यम से पेमेंट की गई। इसके बाद 4. गुरुग्राम के माध्यम से घर लेने के लिये हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा को आवेदन किया था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन होने पर हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा द्वारा 3.15 लाख रुपये जमा करने के निर्देश हुये। जिनको तेजराम ने 13 अप्रैल 2015 को जमा करवा दिए। इस तरह उसने कुल 5.21 लाख रुपए जमा करा दिए। इसके बाद हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा ने यह स्कीम बंद कर दी और जमा राशि वापिस करने के लिए सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक का एनओसी मांगा।
पूर्व सैनिक ने सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक सेक्टर-4 गुरुग्राम द्वारा एनओसी जमा करा दी। इसके बाद तेजराम ने पेमेंट वापिस लेने के लिए हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा पंचकुला से बार-बार सम्पर्क करता रहा। इसके बाद हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा पंचकुला ने उसे 14 जनवरी 2020 को पत्र लिखकर पैसे वापिस मिलने का आश्वासन दिया। इसके बाद 20 सितंबर 2022 को तेजराम को बताया गया कि उसकी जमा राशि ब्याज सहित 6,55,459 रुपये अदा कर दी गई है, जबकि उसको कोई राशि नहीं मिली। पत्राचार के दौरान हाऊसिंग बोर्ड हरियाणा पंचकुला के अकाउंटेंट शम्मी मल्होत्रा ने उन्हें बताया कि राशि 23 जनवरी 2024 को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक डिफेन्स कालोनी, हिसार के माध्यम से रिफंड हो चुकी है। तेजराम का आरोप है कि उसने वहां कोई अकाउंट ही नहीं खुलवाया है। अकाउंटेंट ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर इस राशि को हड़प लिया है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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