मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक का 'रिपोर्ट कार्ड', 62% ने 'ताऊ' को माना 'पास', 31% ने दिखाए 'लाल निशान'
'शादी-तेहरवीं' में बेजोड़, 'सड़क-संजीव बालियान' पर सवाल; रॉयल बुलेटिन ने खोला जनपद का सियासी 'पंडोरा बॉक्स'
मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया के इतिहास में मुजफ्फरनगर की राजनीति को लेकर इतनी बड़ी और बेबाक चर्चा शायद ही पहले कभी हुई हो। रॉयल बुलेटिन की पोस्ट पर सांसद हरेंद्र मलिक के 'रिपोर्ट कार्ड' को लेकर समाचार लिखे जाते समय तक आए 395 कमेंट्स ने न केवल जनपद का सियासी तापमान बढ़ा दिया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि जनता अब 'खामोश' नहीं है। 1 लाख 10 हज़ार से अधिक लोगों तक पहुँची इस पोस्ट में जनता ने सांसद जी को 'सोशल इंजीनियरिंग' में तो 100 में से 100 नंबर दिए हैं, लेकिन 'डेवलपमेंट' के मोर्चे पर कुछ कड़े और चुभते हुए सवाल भी दागे हैं।
समर्थन में उठी आंधी: "ताऊ" का जलवा बरकरार
करीब 245 कमेंट्स (62%) में सांसद जी की सहजता, हर किसी के सुख-दुख में उनकी उपस्थिति और एक 'जननायक' वाली छवि की जमकर तारीफ की गई है। समर्थकों का मानना है कि सत्ता में न होते हुए भी उन्होंने एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई है। सांसद हरेंद्र मलिक की सबसे बड़ी शक्ति उनकी 'उपलब्धता' और 'सादगी' बनकर उभरी है। कमेंट्स बॉक्स में समर्थकों ने उन्हें जमीन से जुड़ा नेता बताया।
-
गुड्डू त्यागी और मोहम्मद इरफान: "ताऊ जी 200% पास हैं, आप इस जिले के रियल टॉपर हैं।
-
ठाकुर जितेंद्र पुंडीर: "हमारी सड़क मलिक साहब ने पास कराई, जो भाजपा चेहरे नहीं करा पाए।"
-
विनय तोमर और लवी गोयल: "आयरन लीडर जिंदाबाद, सेवा में हमेशा तत्पर।"
-
प्रवेश आर्या: "इंसानियत की मिसाल हैं सांसद जी।"
-
निशु गौ सेवक: "गरीब जनता के लिए हमेशा तत्पर, आवास से कोई निराश नहीं लौटता।"
-
नूर हसन सलमानी: "सामाजिक कार्यों में सांसद जी का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। विपक्ष में होने के बावजूद विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी।"
-
राजदीप बालियान: "नसीरपुर प्रकरण में जिस तरह उन्होंने भूमिका निभाई, उसके लिए 1000 नंबर। हमें लड़ाने वाले नहीं, शांति स्थापित करने वाले नेता चाहिए।"
-
सत्यवीर सिंह: "निडर होकर साफ बोलते हैं। जब से सांसद बने हैं, किसी प्रधान पर कोई दबाव नहीं बनने दिया। 101 नंबर।"
-
अशोक कुमार तेवतिया: "100% पास हैं, उन्होंने लोगों के दिलों में जगह बनाई है।"
- जितेंद्र बालियान-बीजेपी वालों ने जितने कार्य पूरे 10 साल में किये, इतने तो आप ने एम्स में भर्ती करवा दिए।
- मो.तारिक कुरैशी- भारतीय संस्कृति के सुन्दर और स्वच्छ विचारवान जननेता और सेवक है, सफल है कार्य करने की और कराने की दक्षता रखते है।
- राकेश सिंघल -सफल सांसद है, बहुत विकास किया है।
- अंकुर शर्मा -इन जैसा अभी तक नहीं हुआ और ना ही होगा।
नाराजगी के सुर: "सड़क और संपर्क पर सवाल"
लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है। करीब 122 कमेंट्स (31%) में विकास कार्यों की कमी, 'सड़कों के गड्ढों' और पुराने प्रतिद्वंद्वी (संजीव बालियान) के कार्यकाल से तुलना करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की गई। विरोध करने वाले पक्ष ने विकास की गति और स्थानीय समस्याओं को लेकर सांसद को घेरा। कई लोगों ने उनकी तुलना पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान के कार्यकाल से भी की।
-
चौधरी निकुंज विजय: "सांसद जी जनसंपर्क में फेल हैं। संजीव बालियान जी ने जो बेंचमार्क सेट किया था, उसके मुकाबले मलिक जी 4/10 स्कोर करते हैं।"
-
मुदित कुमार अग्रवाल: "कोई नई योजना, भर्ती रैली, नई ट्रेन या अस्पताल नहीं ला पाए। सांसद निधि का ठोस असर जमीन पर नहीं दिख रहा।"
-
संदीप शर्मा एडवोकेट: "शादी, तेहरवीं और मस्जिदों में हाजिरी के अलावा कुछ नहीं किया। जनता जवाब देगी।"
-
राजेश मोघा: "मिमलाना रोड को नरक बना दिया है, वहां रोज वाहन पलट रहे हैं।"
- विपिन सिंह बालियान-सांसद को जो करना चाहिए, वह क्षेत्र में दिखाई नहीं दिया।
-
हाजी दीन मोहम्मद अब्बासी: "अल्पसंख्यकों ने एकतरफा वोट दिया, लेकिन सांसद जी के पास उनके उत्पीड़न की घटनाओं पर बोलने का समय नहीं है।"
- निशा वर्मा- मुजफ्फरनगर में कोई बदलाव नहीं,न हीं कोई सुविधा, ना साफ सफाई
-
नितिन राज दक्ष: "हमारी जनकपुरी वार्ड 32 की रोड 20 साल पुरानी है, बारिश में बुरा हाल है, कोई सुनने वाला नहीं।"
-
पंकज मित्तल: "जानसठ क्षेत्र के विकास के लिए अभी तक कुछ नहीं किया गया।"
-
वरदान ब्राह्मण: "शागिर्दों की मारपीट की खबरें ज्यादा आ रही हैं, विकास गायब है।"
-
अनीश त्यागी: "नाम के ही सांसद हैं, विपक्ष में होने के कारण कोई काम नहीं करा सकते।"
तटस्थ और सुझाव: "हमें उम्मीदें हैं, बहाने नहीं"
इस वर्ग के लोगों ने न तो सीधे समर्थन किया और न विरोध, बल्कि भविष्य की जरूरतों को सामने रखा।
-
कुलदीप कुमार गुप्ता: "नगर की दशा सुधारने के लिए AIIMS और रैपिड ट्रेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस करना होगा।"
-
अंकित गर्ग: "सांसद जी को अगले 3 साल में कम से कम दो बड़े काम—एक बड़ा सरकारी अस्पताल और एक नया गर्ल्स डिग्री कॉलेज—बनवाकर उदाहरण सेट करना चाहिए।"
-
प्रकाश सूना: "मुजफ्फरनगर को आधुनिक अस्पताल की सख्त जरूरत है ताकि मरीजों को मेरठ या दिल्ली न भागना पड़े।"
-
कमर इंतखाब: "काम औसत है। सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों पर उन्हें और सख्त आवाज उठानी चाहिए।"
-
आदि जैन: "रॉयल बुलेटिन को यह सवाल सीधे सांसद जी से पूछना चाहिए और उनके कार्यकाल का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखना चाहिए।"
-
खबर में शामिल अन्य प्रमुख नाम:
-
पक्ष में: शिवम कुमार, ज़की काज़मी, आशु चौधरी, उमेश त्यागी, रघुराज सिंह, निज़ाम अंसारी, प्रवेश गोलियान, चौधरी रविन्द्र मलिक, गुड्डू राणा, शौकीन सभासद, ब्रह्मपाल सिंह राणा, जितेंद्र पंवार, नरेश कुमार, सलामत अली रिज़वी पप्पू, संजय पाल, मनोज सैनी, अरुण कुमार, मोहम्मद महदी, चौधरी विशाल बालियान, उदय पाल सिंह, राजदीप बालियान, चंद्र बली रघुवंशी, प्रवेश आर्या, इमरान सैफी, सतेंद्र सिंह, मोहम्मद इरफान मलिक, जितेंद्र बालियान, मो. तारिक कुरैशी, जोगेंद्र सरोहा, अमित कुमार, डॉ. मौ आसिफ़, अमन, बंटी शर्मा, मोज्जम अली, नरेश तोमर, याकूब राणा, चौधरी सरवर रावल, संजय रावल, विजेंद्र सिंह, आस मोहम्मद, रजनीश मलिक, अरशद वारसी, अनिश राणा, मोहित अरोरा, गुरु नासिर, नरेंद्र बालियान, नरेश पाल, अंकुर शर्मा, मुनेंद्र सिंह, मनिंदर सिंह, रिजवान अहमद सिद्दीकी, बिट्टू कुमार, कुलदीप मलिक, अनिल कुमार, जावेद रंगरेज, विनीत बालियान, विपिन लाठियान, तरुण चौधरी, कुलदीप कुमार, बालेंद्र देशवाल, भूपेंद्र वर्मा, एमडी इनाम, यशराज सिंह, अजय मलिक सन्नी, श्यामवीर सिंह, अरविंद मलिक, फय्याज सैफी, राव नदीम, लुकमान कुशवाहा, नूर चौधरी, चौधरी प्रदीप डबास, मेहताब मलिक, अर्जुन राणा, विकुंज चौधरी, सिधु डेरी फार्म, तजम्मुल हुसैन, कस्तूरी लाल, सुमित अंतिल, रिजवान मलिक, वीरेंद्र सिंह, नदीम चौधरी, सचिन कुमार, सुभाष चौधरी, पीयूष कुमार, अश्मित चौधरी रमाला, संजीव वर्मा, सत्यवीर सिंह, रामबीर मलिक, अशोक पाल, संदीप श्रीवास्तव, जुबैर जंग, कादिर सिद्दीकी, विकास शर्मा, अनुज राठी, मुकेश शर्मा, अरुण मलिक, सुमित पंवार, संत कुमार, नववेद अंसारी, श्याम सुंदर, सेठी मलिक, गौरव जाट, विकी चावला, शाहवेज खान, मोमिन रंगरेज, अब्दुल वहाब, अशोक कुमार तेओतिया, प्रवेश आर्या, रायस अब्बास जैदी, अभिषेक चौधरी, इर्शाद अंसारी, मुनव्वर राणा।
-
विपक्ष में:शांतनु त्यागी पुरा, ओमबीर सैनी, अनुज अहलावत, आशु त्यागी, सुहेल नबी, सुहेल खान, अजय चौहान, चौधरी निकुंज विजय, वर्धन ब्राह्मण, मुदित कुमार अग्रवाल, दानिश शेख, संदीप शर्मा एडवोकेट, नितिन राज दक्ष, सचिन शर्मा, उमर अब्दुल्ला त्यागी, राजन कुमार, हाजी दीन मोहम्मद अब्बासी, कपिल चौधरी, बालियान अनित, हितेंद्र तोमर, सुशील बालियान, केवी काकरान, सचिन राय भोला, काज़ी मुस्तकीम, अभिषेक मलिक, प्रणय मित्तल, राजेश मोघा, पंकज मित्तल, एम.ए. राणा, सोनू कुमार, गौरव शॉट, मोहमद अनीस मंसूरी, प्रदीप पाल, मोहसिन अली, शादाब खान, विपिन गुर्जर, निशा वर्मा, ज्ञानेंद्र भराला, गौरव मलिक, मनोज सिंघल, वी.एस. तोमर, अबू अनस, सुमित चौहान, संजीव गोयल, ठाकुर दीपक सोम, पीयूष नैन, मोहसिन अब्बासी, आकाश चौधरी, ऋषि पाल, संदीप कुमार, विक्रांत कुमार, अंकित कुमार, सत्यार्थ सिंह, मुकुल मलिक, जेपी तोमर, पुष्पेंद्र विहान, आजाद सिंह, मनीष कुमार, सनातनी और गद्दार, पंकज कुमार वालिया, विवेक कुमार सैनी, मयंक धर्मपाल वशिष्ठ, नीरज कुमार, राजेश सिंह, विकास कुमार, आसिफ प्रधान तावली, महेश कुमार खोखर, उत्कर्ष त्यागी, शुभम गोयल, परवीन मलिक, कृष्ण कुमार लोहमोड, मोहम्मद जैदी, अंकित पासी, उपेन्द्र सिंह, अफ़ज़ल मलिक, रॉबिन तोमर, अंकित पाल कैलाशी, अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी मुजफ्फरनगर, विशाल गोयल, शिव वर्मा,
- तटस्थ/सुझाव
- निशा वर्मा, अंकित गर्ग, आदि जैन, शान अंसारी, कुलदीप कुमार गुप्ता, कमर इंतखाब, शादाब मिर्ज़ा, प्रकाश सूना, सुलेमान त्यागी, साजिद राशिद अहमद, रकीब चौधरी, समीर राणा।
अंतिम विश्लेषण: क्या है 'रिपोर्ट कार्ड' का सारांश?
395 लोगों की राय यह बताती है कि हरेंद्र मलिक की व्यक्तिगत लोकप्रियता अभी भी चरम पर है। मुजफ्फरनगर शहर (खासकर नई मंडी और रामपुरी) और मिमलाना रोड जैसे इलाकों की जनता विकास की भूखी है। "मुजफ्फरनगर की इस 'डिजिटल अदालत' ने सांसद हरेंद्र मलिक को 62 % बहुमत के साथ 'पास' तो घोषित कर दिया है, लेकिन यह जीत सिर्फ उनके व्यक्तिगत व्यवहार और सामाजिक सक्रियता की है। जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हरेंद्र मलिक एक 'बेहतरीन इंसान' और 'दुख-सुख के साथी' हैं, लेकिन एक 'सांसद' के तौर पर उनके पास विकास का बड़ा विजन (Mega Projects) अभी भी गायब है।
विपक्ष के 31% लोगों ने जो सवाल उठाए हैं, वे व्यक्तिगत न होकर सीधे तौर पर सड़कों, अस्पतालों और शिक्षा से जुड़े हैं। संजीव बालियान के कार्यकाल से तुलना होना इस बात का संकेत है कि मुजफ्फरनगर की जनता अब 'बड़े प्रोजेक्ट्स' (जैसे AIIMS, रैपिड रेल, हाईवे) की आदी हो चुकी है।
सांसद के लिए चुनौती: समर्थकों की भारी भीड़ यह तो बता रही है कि उनका वोट बैंक सुरक्षित है, लेकिन तटस्थ (7 %) वर्ग की मांगें (गर्ल्स कॉलेज, आधुनिक अस्पताल) यह चेतावनी दे रही हैं कि अगले चुनाव तक केवल 'शादी-ब्याह' में मौजूदगी से काम नहीं चलेगा। जनता अब 'सांसद निधि' से आगे बढ़कर केंद्र सरकार से बड़ी योजनाएं छीनकर लाने वाले जनप्रतिनिधि की उम्मीद कर रही है। संक्षेप में कहें तो, हरेंद्र मलिक **'लोकप्रियता' की परीक्षा में तो फर्स्ट डिवीज़न ले आए हैं, लेकिन 'विकास' के पेपर में उन्हें अभी कड़ी मेहनत की जरूरत है।" जनता चाहती है कि सांसद जी अब 'शादी-ब्याह' के दायरे से निकलकर AIIMS, रैपिड रेल और नई सड़कों के लिए संसद में और भी तेज आवाज उठाएं। आपको यह खबर कैसी लगी, कमेंट में ज़रूर बताये। अगले अंक में होगी मुज़फ्फरनगर के नगर विधायक और प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल की रिपोर्ट। सभी कमेंट देखें-https://www.facebook.com/share/p/18HREe4m32/
रॉयल बुलेटिन की ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए रॉयल बुलेटिन के व्हाट्स एप चैनल https://whatsapp.com/channel/0029Va5FkeECBtx7j1Kk9T3Z को फॉलो करे और जुड़े हमारे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स अकाउंट से और हर ताज़ी खबर पढ़ने के लिए https://royalbulletin.in/ को देखते रहे। ये भी पढ़े-
मुज़फ्फरनगर में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल का 'रिपोर्ट कार्ड': विकास की रील या धरातल पर तब्दील ?, फेसबुक पर कमेंट में दीजिये तुरंत जवाब, अगले अंक में देंगे रिपोर्ट कार्ड
https://www.facebook.com/share/p/1C4CfpsPbw/
"बाप का, चाचा का, ताऊ का... सबका बदला ले लिया!", विक्की त्यागी की हत्या से सुर्ख़ियों में आये सागर मलिक के पिता की हत्या कर बोला हमलावर
https://royalbulletin.in/shamli/took-revenge-from-father-uncle-and-uncle/article-157179
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां