इंडिगो पर निर्भरता ने उड़ाए घरेलू आसमान के तार - परिचालन संकट ने भारतीय विमानन बाजार की गहरी कमजोरियाँ उजागर कीं
Indian Aviation: भारतीय विमानन बाजार इन दिनों गहरे संकट से गुजर रहा है। इंडिगो की विशाल बाजार हिस्सेदारी और नए एफडीटीएल नियमों के चलते अचानक पैदा हुए परिचालन व्यवधान ने पूरे सेक्टर को हिला दिया। नतीजा-सैकड़ों उड़ानें रद्द, किराये आसमान छूते हुए, और यात्री हताश। विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल एक एयरलाइन का संकट नहीं, बल्कि भारतीय विमानन संरचना की पुरानी कमियों का विस्फोट है।
उड़ानों में भारी अव्यवस्था
विश्लेषकों के अनुसार देश में वैकल्पिक एयरलाइंस की कमी ने स्थिति को बदतर बना दिया। जैसे ही इंडिगो के नेटवर्क में गड़बड़ी आई, एयरफेयर कई रूट्स पर 8-10 गुना तक बढ़ गए। जहां सामान्य दिनों में 5-7 हजार रुपये में मिलने वाली टिकटें अचानक 40-60 हजार तक पहुंच गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के घरेलू विमानन बाजार में विकेंद्रीकरण की कमी का सीधा परिणाम है।
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संकट ने उपभोक्ता अधिकारों पर भी बड़ा सवाल उठाया है। यात्रियों का कहना है कि रद्दीकरण का पूरा बोझ उन पर डाल दिया जाता है, जबकि परिचालन जोखिम एयरलाइंस की जिम्मेदारी है। कई उपभोक्ता समूह यूरोपीय यूनियन की तरह कड़े मुआवजा नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें रद्द या देरी से हुई उड़ानों पर यात्रियों को अनिवार्य राहत दी जाती है।
स्टाफिंग मॉडल और प्रशिक्षण सिस्टम की खामियाँ उजागर
आईएटीए की रिपोर्ट के अनुसार हालिया व्यवधान का मूल कारण स्टाफिंग, प्रशिक्षण और रोस्टरिंग से जुड़ी संरचनात्मक खामियाँ हैं। भारत में लंबे समय से फ्लीट विस्तार धीमा रहा है, पायलट प्रशिक्षण सीमित है और एयरलाइंस परिचालन दबाव को मैनेज करने में संघर्ष कर रही हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह संकट अचानक नहीं आया-यह सालों से जमा हो रही कमजोरियों का परिणाम है, जो अब खुलकर सामने आ गया है।
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शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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