पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण औंधे मुंह गिरा रुपया

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय मुद्रा रुपये की कमजोरी लगातार बढ़ती जा रही है। आज भारतीय मुद्रा ने एक बार फिर ऑल टाइम लो का नया रिकॉर्ड बनाया। कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी, डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार में अंधाधुध तरीके से बिकवाली कर अपना पैसा निकालने की वजह से रुपये पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इसी दबाव की वजह से इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में भारतीय मुद्रा डॉलर की तुलना में 93.95 रुपये प्रति डॉलर के अभी तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। हालांकि इसके बाद इसकी स्थिति में मामूली सुधार भी हुआ, जिसके कारण सुबह 10:30 बजे भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.92 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही थी। इसके पहले पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय मुद्रा 93.71 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थी।
ये भी पढ़ें मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से कीमती धातुएं दबाव में, हफ्ते भर में 5.89 प्रतिशत गिरा सोने का रेटरुपये ने आज के कारोबार की शुरुआत भी गिरावट के साथ ही की थी। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में भारतीय मुद्रा ने आज सुबह डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की कमजोरी के साथ 93.83 रुपये के स्तर से कारोबार की शुरुआत की थी। आज का कारोबार शुरू होने के बाद रुपये की स्थिति में मामूली सुधार भी आया, जिससे ये 93.79 के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों ने लगातार बिकवाली कर अपने पैसे की निकासी शुरू कर दी, जिससे मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग तेज हो गई। ऐसा होने पर रुपये की कीमत भी तेजी से लुढ़कने लगी। थोड़ी देर में ही भारतीय मुद्रा फिसल कर अभी तक के सबसे निचले स्तर 93.95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक आ गई।
मुद्रा बाजार के अभी तक कारोबार में रुपये ने डॉलर के साथ ही यूरो के मुकाबले भी कमजोर प्रदर्शन किया है। वहीं ब्रिटिश पौंड (जीबीपी) के मुकाबले रुपये के भाव में फिलहाल तेजी का रुख बना हुआ है। सुबह 10:30 बजे तक के कारोबार के बाद यूरो की तुलना में रुपया 24.83 पैसे की कमजोरी के साथ 108.47 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके विपरीत ब्रिटिश पौंड (जीबीपी) की तुलना में रुपया सुबह 10:30 बजे तक के कारोबार के बाद 28.99 पैसे की मजबूती के साथ 125.12 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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