EC का डिजिटल दांव: राजनीतिक दलों को दूरदर्शन और AIR पर प्रचार के लिए मिलेंगे डिजिटल वाउचर

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय और राज्य पार्टियों को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) पर मुफ्त प्रसारण/टेलीकास्ट समय के लिए डिजिटल वाउचर आवंटित किए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी मान्यता प्राप्त पार्टियों को चुनाव प्रचार के लिए समान अवसर मिले। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 39A के तहत असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों के लिए राष्ट्रीय और राज्य-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) पर प्रसारण और टेलीकास्ट समय आवंटित करने के निर्देश जारी किए हैं।
ये भी पढ़ें मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से कीमती धातुएं दबाव में, हफ्ते भर में 5.89 प्रतिशत गिरा सोने का रेटविधानसभा चुनावों के लिए चुनाव वाले 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक पार्टियों को आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल समय वाउचर जारी किए गए हैं। प्रसारण की अवधि चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रत्येक चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित होने की तारीख से लेकर मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक निर्धारित की जाएगी। वास्तविक प्रसारण का समय पहले से ही राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर 'लॉटरी' के माध्यम से निर्धारित किया जाएगा। यह प्रक्रिया राजनीतिक पार्टियों के अधिकृत प्रतिनिधियों और संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी की जाएगी। इस योजना के तहत प्रत्येक पार्टी को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो दोनों पर 45 मिनट का 'आधार समय' मुफ्त प्रसारण और टेलीकास्ट सुविधा के रूप में आवंटित किया गया है। यह समय राज्य के भीतर क्षेत्रीय नेटवर्क पर सभी पार्टियों को समान रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।
राजनीतिक पार्टियों को उनके संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले विधानसभा चुनावों में उनके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त समय भी आवंटित किया गया है। राजनीतिक पार्टियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे संबंधित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए अपने प्रसारणों के लिखित अंश और रिकॉर्डिंग पहले से ही जमा करें। रिकॉर्डिंग उन स्टूडियो में की जा सकती है जो प्रसार भारती द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा करते हों अथवा दूरदर्शन/एआईआर केंद्रों पर भी रिकॉर्डिंग की जा सकती है। पार्टियों के प्रसारणों के अतिरिक्त, प्रसार भारती निगम दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर अधिकतम दो 'पैनल चर्चाओं' या 'बहसों' का आयोजन भी करेगा। प्रत्येक पात्र राजनीतिक पार्टी इस कार्यक्रम के लिए अपना एक प्रतिनिधि नामित कर सकती है। इस कार्यक्रम का संचालन एक अनुमोदित समन्वयक द्वारा किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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