केसी त्यागी ने थामा रालोद का दामन; जयंत चौधरी ने दिलाई सदस्यता, पश्चिमी यूपी में बदलेगा सियासी समीकरण

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता केसी त्यागी आखिरकार रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) में शामिल हो गए। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से इस्तीफा देने के बाद से ही उनके रालोद में जाने की अटकलें तेज थीं, जिन पर आज दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान विराम लग गया। रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाकर कुनबे में शामिल किया।
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ये भी पढ़ें निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा और फरहान खान की शादी को बताया 'लव-जिहाद', पीएम मोदी से की अपीलकेसी त्यागी पिछले 26 वर्षों से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का प्रमुख चेहरा रहे हैं और नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते थे। हालांकि, उनका राजनीतिक आधार हमेशा से पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहा है। वह नौवीं लोकसभा में हापुड़-गाजियाबाद सीट से सांसद रह चुके हैं। जानकारों का मानना है कि रालोद में उनका आना 'घर वापसी' जैसा है, क्योंकि वे लंबे समय तक चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़े रहे हैं।
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केसी त्यागी के स्वागत के लिए रालोद के तमाम बड़े नेता दिल्ली में जुटे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पूर्व मंत्री अशोक यादव, सुरेंद्र त्यागी, रालोद महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, विधायक गुलाम मोहम्मद, अजय कुमार, राष्ट्रीय सचिव सुखवीर सिंह गठीना और बागपत जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पश्चिमी यूपी की राजनीति पर पड़ेगा बड़ा असर
केसी त्यागी के रालोद में शामिल होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर त्यागी और ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्रों में रालोद को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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रणनीतिक मजबूती: त्यागी के पास राष्ट्रीय राजनीति का लंबा अनुभव है, जिसका लाभ जयंत चौधरी को आगामी चुनावों और गठबंधन की राजनीति में मिलेगा।
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त्यागी समाज की गोलबंदी: पिछले कुछ समय से त्यागी समाज की नाराजगी की खबरें आती रही हैं, ऐसे में केसी त्यागी का रालोद में जाना पार्टी के लिए 'मास्टरस्ट्रोक' साबित हो सकता है।
जयंत चौधरी का बयान:
"केसी त्यागी जी का रालोद परिवार में स्वागत है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से किसान-कैमरा और युवाओं की आवाज को और अधिक मजबूती मिलेगी।"
केसी त्यागी के इस कदम से जदयू को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है, वहीं रालोद अब एनडीए गठबंधन के भीतर अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
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