भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत: होर्मुज के 'चक्रव्यूह' से सुरक्षित निकला भारतीय LPG टैंकर; ईरानी नौसेना बनी संकटमोचक, ट्रंप की ईरान को 48 घंटे की चेतावनी

नई दिल्ली/तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय की सक्रिय कूटनीति का बड़ा असर देखने को मिला है। सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में पिछले 10 दिनों से फंसे एक भारतीय एलपीजी (LPG) टैंकर को ईरानी नौसेना ने सुरक्षित रास्ता देकर बाहर निकाला है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने न केवल भारतीय जहाज से रेडियो संपर्क बनाए रखा, बल्कि उसे एक निर्धारित सुरक्षित मार्ग (कंट्रोल पासेज सिस्टम) के जरिए हमलों से बचाते हुए पार कराया।
13 मार्च की रात चला 'सीक्रेट' रेस्क्यू ऑपरेशन सूत्रों के अनुसार, ईरानी नेवी ने 13 मार्च की रात को इस भारतीय जहाज को एस्कॉर्ट किया। सुरक्षा कारणों से जहाज का ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर दिया गया था। भारत और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के बाद यह संभव हो सका है। वर्तमान में 'शिवालिक' (16 मार्च) और 'नंदा देवी' (17 मार्च) नामक दो भारतीय जहाज एलपीजी लेकर भारत पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 22 अन्य भारतीय जहाज अब भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार ईरानी समकक्ष के संपर्क में हैं।
ईरान का इजराइली ठिकानों पर हमले का दावा, 200 की मौत? दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके मिसाइल हमलों में इजराइल के डिमोना और इलात सहित कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। हालांकि, इजराइल ने मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। ईरान ने कुवैत और यूएई स्थित अमेरिकी एयरबेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है।
ट्रंप की भीषण चेतावनी: "48 घंटे में मार्ग खोलो वरना तबाह कर देंगे पावर प्लांट" तनाव को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित और नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट्स को निशाना बनाना शुरू कर देगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां