सोनाक्षी सिन्हा के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा का आदेश, दिल्ली हाईकोर्ट ने AI प्लेटफॉर्म्स को दी चेतावनी
AI चैटबॉट्स द्वारा हो रहे दुरुपयोग पर कोर्ट सख्त

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट ने सोनाक्षी सिन्हा को उन वेब लिंक की सूची देने को कहा, जिन्हें वे हटाना चाहती हैं।
सुनवाई के दौरान सोनाक्षी सिन्हा की ओर से पेश वकील ने कहा कि एआई चैटबॉट के जरिये याचिकाकर्ता के व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जा रहा है। तब कोर्ट ने कहा कि आप उन वेब लिंक की सॉफ्ट कॉपी दाखिल कीजिए।
आज ही उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर की ऐसी ही याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अपनी याचिका में सुधार करने का निर्देश दिया। याचिका में गौतम गंभीर ने कई सोशल मीडिया अकाउंट, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा है कि उनके नाम, आवाज या व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का बिना अनुमति धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा है।
इसके पहले उच्च न्यायालय कई मशहूर हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है। इसके पहले उच्च न्यायालय बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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