टीएमयू फिजियोथेरेपी स्टुडेंट्स की साई में एजुकेशनल विजिट, खेल विज्ञान और पुनर्वास की आधुनिक तकनीकों का लिया अनुभव

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (एमपीटी) के 22 विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण नई दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कराया गया।
इस एजुकेशनल विजिट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण, चोट प्रबंधन और पुनर्वास प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। साथ ही, खेल विज्ञान में फिजियोथेरेपी की भूमिका और एथलीट मैनेजमेंट के विभिन्न आयामों को समझाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य रहा।
भ्रमण के दौरान हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट डॉ. प्रहलाद प्रियदर्शनी और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ज्ञान ने विद्यार्थियों के साथ अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने खेलों में चोटों की रोकथाम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण सिद्धांत, रिकवरी प्रोटोकॉल और प्रदर्शन वृद्धि के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान एलीट स्पोर्ट्स में बहु-विषयक टीम के महत्व को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
विद्यार्थियों को साइकिलिंग, कुश्ती, जिम्नास्टिक और अन्य इंडोर खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया गया, जिससे उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके शैक्षणिक ज्ञान को और अधिक मजबूत बनाने में मदद की।
नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंसेज एंड रिसर्च (एनसीएसएसआर) के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. बिभु कल्याण नायक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शुभ्रा चटर्जी, एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट डॉ. शुभोजीत चटर्जी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. शत्रुपा चक्रवर्ती ने विद्यार्थियों को खेल विज्ञान में अंतर-विषयक सहयोग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा, बायोमैकेनिकल एनालिस्ट डॉ. अजय पंडित ने विद्यार्थियों को बायोमैकेनिक्स विभाग का अवलोकन कराया, जहां आधुनिक मोशन एनालिसिस सिस्टम, फोर्स प्लेट्स और गेट एनालिसिस तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इन तकनीकों का उपयोग खिलाड़ियों के मूवमेंट पैटर्न का अध्ययन करने और चोटों की रोकथाम के लिए किया जाता है।
एंथ्रोपोमेट्री विभाग में छात्रों को बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, सोमैटोटाइपिंग, प्रतिभा पहचान और प्रदर्शन मॉनिटरिंग से संबंधित उन्नत मापन तकनीकों की जानकारी दी गई। इससे खिलाड़ियों के वैज्ञानिक मूल्यांकन और प्रशिक्षण के आधार को समझने में सहायता मिली।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने रेसलिंग एरीना, बास्केटबॉल कोर्ट और साइक्लिंग प्रशिक्षण क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं और संरचित प्रशिक्षण प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा।
इसके साथ ही एक्सरसाइज फिजियोलॉजी विभाग में वीओ2 मैक्स परीक्षण, सहनशक्ति मूल्यांकन और मेटाबोलिक मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इस सत्र ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि किस प्रकार शारीरिक मानकों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जाता है और उनकी रिकवरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाता है।
इस शैक्षिक भ्रमण का संयोजन फिजियोथेरेपी विभाग के फैकल्टी सदस्य डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. समर्पिता सेनापति द्वारा किया गया। इस सफल आयोजन ने विद्यार्थियों को खेल विज्ञान और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में व्यावहारिक समझ प्रदान करते हुए उनके करियर को नई दिशा देने का कार्य किया।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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