सहारनपुर: पावधोई नदी में 'जहरीले' पानी का कहर, लाखों मछलियों की मौत, आस्था पर सन्नाटा
फैक्ट्रियों के केमिकल या असामाजिक तत्वों की साजिश पर फूटा श्रद्धालुओं का गुस्सा

सहारनपुर। जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा लालदास बाड़े स्थित पवित्र पावधोई नदी में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब पानी की सतह पर लाखों की संख्या में मछलियां मृत पाई गईं। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न धार्मिक संगठनों और स्थानीय निवासियों का जमावड़ा लग गया। बाबा लालदास की तपोभूमि से जुड़ी जनभावनाओं के आहत होने के कारण मौके पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बुद्ध घाट की देखरेख करने वाले महंत रामलाल तुली ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'शर्मनाक' करार दिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है। इससे पूर्व भी नवरात्रि के पावन समय में कुछ असामाजिक तत्वों ने पानी में जहरीला पदार्थ डालकर मछलियों को नुकसान पहुँचाया था। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और पानी के सैंपल की जांच कर दोषियों को जेल भेजा जाए।
आस्था और पर्यावरण पर दोहरा प्रहार
क्षेत्रवासी नीटू सैनी ने बताया कि पावधोई नदी के इस घाट से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां मछलियों को दाना डालने आते हैं। अचानक लाखों मछलियों का मरना न केवल धार्मिक चोट है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी खतरे की घंटी है। स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
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स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि नदी के ऊपरी बहाव क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों द्वारा चोरी-छिपे कैमिकलयुक्त जहरीला पानी नदी में बहाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण हर साल ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जांच कर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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