योगी सरकार का बड़ा फैसला: 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी, अब लागू होगा आरक्षण भी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के लगभग 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को होली और नववर्ष का बड़ा तोहफा देते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के क्रम में अब चपरासी से लेकर सीनियर प्रोग्रामर तक के वेतन में 8,000 से 11,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह बढ़ी हुई दरें अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
किसे कितना मिलेगा: नई वेतन सूची पर एक नजर
सरकार ने विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम मानदेय की नई दरें निर्धारित की हैं, जिससे निचले स्तर के कर्मचारियों को सबसे अधिक राहत मिली है:
| पद का नाम | पुराना मानदेय (लगभग) | नया मानदेय |
| चपरासी / चौकीदार | ₹10,000 | ₹18,000 |
| डाटा एंट्री ऑपरेटर / कंप्यूटर सहायक | ₹14,000 | ₹23,000 |
| शिक्षण सेवाएं (टीचर) | - | ₹25,000 |
| सीनियर प्रोग्रामर | - | ₹37,400 |
| डॉक्टर (आउटसोर्सिंग) | - | ₹40,000 |
अतिरिक्त लाभ: मानदेय के अलावा अब सभी कर्मचारियों को 13% ईपीएफ (EPF) और 3.25% ईएसआई (ESI) की सुविधा भी अनिवार्य रूप से मिलेगी।
UPCOS: अब खत्म होगा ठेकेदारों का 'शोषण'
भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया है।
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पारदर्शी चयन: अब निजी एजेंसियां या ठेकेदार अपनी मर्जी से नियुक्तियां नहीं कर पाएंगे। सभी भर्तियां इस निगम के माध्यम से पोर्टल द्वारा होंगी।
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समय पर भुगतान: पहले ठेकेदारों द्वारा वेतन रोकने या कम देने की शिकायतें आती थीं, जिसे अब सीधे बैंक खातों में भेजकर सुधारा जाएगा।
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बजट में वृद्धि: सरकार ने इस मद में 426 करोड़ रुपये का इजाफा करते हुए कुल 2223.84 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आरक्षण का मास्टरस्ट्रोक: विपक्ष के 'पीडीए' कार्ड की काट
विपक्ष (विशेषकर सपा) अक्सर आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण की अनदेखी का आरोप लगाकर सरकार को घेरता रहा है। सरकार ने अब आधिकारिक रूप से आउटसोर्सिंग पदों पर भी आरक्षण व्यवस्था लागू कर दी है:
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OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग): 27%
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SC (अनुसूचित जाति): 21%
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EWS (आर्थिक पिछड़ा वर्ग): 10%
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ST (अनुसूचित जनजाति): 02%
इस कदम को राजनीति के जानकार आगामी चुनावों से पहले 'सोशल इंजीनियरिंग' और विपक्ष के हमलों को कुंद करने के बड़े प्रयास के रूप में देख रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से उन लाखों युवाओं को राहत मिलेगी जो वर्षों से कम वेतन और असुरक्षित भविष्य के बीच काम कर रहे थे।
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