मध्य प्रदेश: हादसों में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपए की सहायता

भोपाल। मध्य प्रदेश में हादसों में जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए पुलिस सैलरी पैकेज योजना बड़ी सहारा बनी है। इन पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि मिली है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। बड़वानी एवं मुरैना में हुई घटनाओं में दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है।
पुलिस बल बड़वानी में पदस्थ आरक्षक जयेश वर्मा का एक दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा अंजड़ में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया। इससे पूर्व सागर जिले में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में बीडीडीएस टीम के पुलिसकर्मियों के निधन के बाद मुरैना में आरक्षक प्रद्युम्न दीक्षित एवं आरक्षक अनिल कौरव के परिजनों को भी एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई।
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पुलिस अधीक्षक मुरैना समीर सौरभ ने परिजनों को उक्त राशि के चेक सौंपे। बताया गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाते के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपए का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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