विकास के नहीं बल्कि विनाश के रहे हैं योगी सरकार के नौ साल: अजय राय

लखनऊ- उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पिछले नौ साल “विकास के नहीं, बल्कि विनाश” के रहे हैं। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होने सरकार के “नौ साल के परिवर्तन” के दावों को भ्रामक करार देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार और आम जनता की समस्याओं को दर्शाती है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में बने 1519 करोड़ रुपये के ग्रीन कॉरिडोर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उद्घाटन के एक दिन बाद ही सड़क धंस गई, जो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में “गहरे भ्रष्टाचार” का उदाहरण है।
फतेहपुर की एक घटना का हवाला देते हुए राय ने कहा कि सूदखोरी के चलते एक परिवार ने 5 लाख रुपये का कर्ज लेकर 27.5 लाख रुपये चुकाए, फिर भी दबाव बना रहा और अंततः परिवार ने आत्महत्या कर ली। इसे उन्होंने सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति की विफलता बताया।
उन्होंने मोहनलालगंज में एक ग्राम रोजगार सेवक की कथित आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया, जिसे उन्होंने मानदेय में देरी और आर्थिक तंगी से जोड़ते हुए कहा कि ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ ऐसे कर्मचारी उपेक्षित हैं। बदायूं की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए राय ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि एक औद्योगिक इकाई के भीतर दो अधिकारियों की हत्या में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों का नाम सामने आया है।
सांस्कृतिक मुद्दों पर उन्होंने वाराणसी की विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार लगातार विकास के दावे करती रही है। किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आगरा जैसे क्षेत्रों में आलू उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जहां लागत मूल्य बाजार कीमत से अधिक है। साथ ही बुआई से पहले यूरिया की कालाबाजारी का भी आरोप लगाया।
राय ने राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि कई जिलों में हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में बच्चों से मिड-डे मील बनवाया जा रहा है और खाद्यान्न की बर्बादी हो रही है। उन्होंने कहा कि ये सभी उदाहरण राज्य सरकार के पिछले नौ वर्षों की “विफलताओं” को उजागर करते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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