गुरुग्राम के स्कूलों में बम की अफवाह फैलाने वाला बांग्लादेशी नागरिक काबू
डर का माहौल पैदा करने के लिए बम होने की ईमेल भेजी थी-आरोपित नौ साल पहले अवैध रूप से आया था बंगलादेश से भारत

गुरुग्राम। गुरुग्राम के स्कूलों में बम होने की झूठी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित करीब नौ साल पहले अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत आया था और फर्जी दस्तावेजों के सहारे यहां रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपित सौरभ विश्वास उर्फ माइकल (30 वर्ष) ने स्वीकार किया कि उसने स्कूलों में डर का माहौल पैदा करने के लिए बम होने की अफवाह फैलाई थी। वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है और फिलहाल पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के श्रीपल्ली बाजार, गोविंदपल्ली इलाके में रह रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक्स का काम करता था और पिछले पांच वर्षों से फ्रीलांसिंग कर रहा था। वह एक फेसबुक ग्रुप के माध्यम से मामुनूर राशिद नामक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उससे जीमेल आईडी मांगीं। आरोपित ने करीब 300 जीमेल आईडी उपलब्ध करवाईं, जिसके बदले उसे लगभग 250 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) प्राप्त हुए।
ये भी पढ़ें लोकसभा: 'सरके चुनरिया' विवाद पर अश्विनी वैष्णव बोले- गाने पर लगा बैन, अभिव्यक्ति की आजादी की भी सीमापुलिस के अनुसार, इन्हीं ईमेल आईडी में से एक का इस्तेमाल गुरुग्राम के स्कूलों में बम होने की झूठी सूचना भेजने के लिए किया गया था। दरअसल, 28 जनवरी 2026 को गुरुग्राम के कई स्कूलों में बम होने की सूचना ईमेल के जरिए मिली थी। सूचना मिलते ही हरियाणा पुलिस, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और व्यापक जांच की, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला।
इस मामले में स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर साइबर दक्षिण थाना, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित को गुजरात से गिरफ्तार किया। फिलहाल हरियाणा पुलिस आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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