नोरा फतेही के खिलाफ फतवा: 'सरके चुनर' गाने पर बढ़ा विवाद, अलीगढ़ के मुफ्ती ने बताया 'गुनाह-ए-कबीरा'

अलीगढ़। कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ (KD: The Devil) का गाना “सरके चुनर तेरी सरके” इन दिनों विवादों के केंद्र में है। इस गाने में अपने डांस और अपीयरेंस को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही मुश्किलों में घिर गई हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी किया है। मुफ्ती ने गाने के दृश्यों और बोल को 'अश्लील' और 'गैर-इस्लामी' करार दिया है।
फतवे में क्या कहा गया?
शाही मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने अपने बयान में कहा कि समाज में अश्लीलता और बेहयाई फैलाना धार्मिक दृष्टि से एक बड़ा पाप है। फतवे के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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गुनाह-ए-कबीरा: मुफ्ती ने कहा कि नोरा फतेही एक मुस्लिम पृष्ठभूमि से आती हैं, इसके बावजूद उन्होंने ऐसे अश्लील गाने और डांस में हिस्सा लिया। इसे 'गुनाह-ए-कबीरा' (बड़ा पाप) बताया गया है।
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इस्लामी तालीम के खिलाफ: फतवे में तर्क दिया गया है कि इस्लाम हया (लज्जा) और पाकीजगी (पवित्रता) का संदेश देता है, जबकि यह गाना इन नैतिक मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है।
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बहिष्कार की अपील: मुफ्ती ने आम जनता से ऐसे कंटेंट का बहिष्कार करने और फिल्मकारों से जिम्मेदारी से काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 'दर्दनाक अज़ाब' (कठोर दंड) की चेतावनी भी धर्मग्रंथों में दी गई है।
क्या होता है फतवा और क्यों जारी किया जाता है?
अक्सर चर्चा में रहने वाले 'फतवे' को लेकर आम जनता में कई जिज्ञासाएं होती हैं:
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परिभाषा: फतवा का अर्थ है 'कानूनी राय' या 'व्यवस्था'। जब किसी विशिष्ट मुद्दे पर इस्लामी कानून (शरीयत) के नजरिए से स्पष्टीकरण मांगा जाता है, तो एक विद्वान (मुफ्ती) उस पर अपनी राय देता है, जिसे फतवा कहते हैं।
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कानूनी स्थिति: भारत में फतवा किसी व्यक्ति पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Binding) नहीं है। यह केवल एक धार्मिक मार्गदर्शन या राय है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि फतवा किसी की व्यक्तिगत आजादी में दखल नहीं दे सकता और इसे जबरन लागू नहीं किया जा सकता।
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उद्देश्य: इसे आमतौर पर सामाजिक आचरण, इबादत के तरीके या किसी समसामयिक विवादित विषय पर धार्मिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जारी किया जाता है।
नोरा फतेही की सफाई और सरकार का एक्शन
विवाद बढ़ने पर नोरा फतेही ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा:
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धोखे का आरोप: नोरा के मुताबिक, उन्होंने यह गाना 3 साल पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था। उन्हें कन्नड़ नहीं आती, इसलिए उन्होंने मेकर्स के अनुवाद पर भरोसा किया।
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हिंदी वर्जन से दूरी: एक्ट्रेस का दावा है कि हिंदी वर्जन के आपत्तिजनक बोल उनकी जानकारी के बिना तैयार किए गए और उन्होंने खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग कर लिया है।
बड़ी कार्रवाई: 1. प्रतिबंध: केंद्र सरकार ने भारी विरोध के बाद इस गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 2. समन: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अश्लीलता के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए नोरा फतेही, संजय दत्त और गीतकार को 24 मार्च को पेश होने के लिए समन भेजा है। 3. हटाया गया वीडियो: एनएचआरसी (NHRC) के नोटिस के बाद इस गाने को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।
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