समृद्धि ज्वैलर्स पर 40 घंटे चला आयकर विभाग का छापा, करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन के मिले संकेत, डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त

मथुरा/अलीगढ़। ताजनगरी आगरा, कानपुर और दिल्ली की संयुक्त आयकर टीमों द्वारा मथुरा के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी प्रतिष्ठान 'समृद्धि ज्वैलर्स' के ठिकानों पर की जा रही छापेमारी सुबह करीब 6 बजे आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई। बुधवार दोपहर से शुरू हुई यह कार्यवाही लगातार 40 घंटे से अधिक समय तक चली, जिससे पूरे ब्रज क्षेत्र के सर्राफा बाजार में हड़कंप मचा रहा। जांच टीमें अपने साथ कई झोले भरकर संदिग्ध दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और स्टॉक से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात लेकर रवाना हुई हैं।
एडवांस टैक्स कम जमा करना बना कार्रवाई का आधार
सूत्रों के अनुसार, 15 मार्च तक एडवांस टैक्स (Advance Tax) जमा करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद, विभाग को समृद्धि ज्वैलर्स द्वारा जमा किए गए टैक्स और उनके वास्तविक टर्नओवर में भारी अंतर के इनपुट मिले थे। इसी आधार पर मथुरा के कृष्णानगर, चौक बाजार और अलीगढ़ स्थित शोरूम सहित 5 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पिछले कई वर्षों के लेन-देन के रिकॉर्ड और 'वास्तविक स्टॉक बनाम घोषित स्टॉक' का बारीकी से मिलान किया है।
करोड़ों की अघोषित आय का शक; लग सकता है 77% तक जुर्माना
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि सर्वे के दौरान करोड़ों रुपये के अघोषित लेन-देन और अघोषित आय (Undisclosed Income) के पुख्ता संकेत मिले हैं। विभाग अब जब्त किए गए डिजिटल डेटा की स्क्रूटनी करेगा, जिसके बाद संचालकों को समन भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि अघोषित आय की पुष्टि होती है, तो आयकर अधिनियम के तहत 60% से 77% तक टैक्स और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कार्यवाही की जद में आए सर्राफा कारोबारी ऋषभ जैन की आभूषण निर्माण फैक्ट्री से भी महत्वपूर्ण डेटा जुटाया गया है।
बाजार खुला पर व्यापारियों में दहशत; एसोसिएशन ने जताई चिंता
टीम के जाने के बाद मथुरा का चौक बाजार और कृष्णानगर क्षेत्र पूरी तरह खुल तो गया है, लेकिन व्यापारियों के बीच अभी भी डर और संशय का माहौल है। मथुरा सर्राफा एसोसिएशन ने इस 40 घंटे लंबी कार्रवाई पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन ने सीजन के समय दुकानों के शटर गिरवाकर की गई इस लंबी जांच से व्यापार प्रभावित होने पर चिंता जताई है। फिलहाल, व्यापारी संगठन इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या विभाग अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर भी ऐसी ही कार्रवाई की तैयारी में है।
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