मथुरा: 'फरसा वाले बाबा' की मौत पर प्रशासन और संतों में ठनी; डीएम ने बताया 'सड़क हादसा', देवकीनंदन ठाकुर बोले— "यह गहरी साजिश, क्या प्रशासन सो रहा है?"

मथुरा/कोसीकलां। नेशनल हाईवे पर विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की मौत का मामला अब प्रशासनिक स्पष्टीकरण और संतों के आक्रोश के बीच उलझ गया है। जहां एक ओर मथुरा के जिलाधिकारी (DM) चंद्र प्रताप सिंह ने इस घटना को एक 'दुखद सड़क दुर्घटना' करार दिया है, वहीं प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने इसे एक सोची-समझी 'साजिश' बताते हुए पुलिसिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीएम का स्पष्टीकरण: "हत्या नहीं, कोहरे में हुआ हादसा" जिलाधिकारी चंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को हुए भारी बवाल के बाद स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बाबा चंद्रशेखर की मौत कोई साजिश या हत्या नहीं थी। डीएम के अनुसार, बाबा कोटवन बॉर्डर पर एक नागालैंड नंबर के कैंटर की जांच कर रहे थे, जिसमें साबुन और फिनायल जैसे परचून का सामान भरा था। इसी दौरान कोहरे के कारण राजस्थान नंबर के एक अन्य ट्रक (कोलतार से भरा) ने टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में आने से बाबा और ट्रक चालक, दोनों की मौत हो गई। प्रशासन ने 'गौ-तस्करी' और 'हत्या' की खबरों को पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है।
देवकीनंदन ठाकुर का प्रहार: "प्रशासन को भनक क्यों नहीं लगती?" इधर, प्रखर आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने प्रशासन के दावों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "जब आम गौरक्षकों को खबर मिल जाती है कि वृंदावन से गायों को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है, तो पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगती? क्या प्रशासन सो रहा है?" उन्होंने इस पूरी वारदात को गौ-सेवकों के मनोबल को तोड़ने की एक गहरी साजिश करार दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
10 उपद्रवी हिरासत में; अब सरकार चलाएगी बाबा की गौशाला तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाबा के अनुयायियों के साथ बैठक की। डीएम ने घोषणा की कि बाबा की अनुपस्थिति में उनकी गौशाला का संचालन अब उत्तर प्रदेश सरकार करेगी, जिसके लिए खंड विकास अधिकारी (BDO) को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पथराव और अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस ने 10 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि भावनाओं को भड़काकर माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, हालांकि निर्दोषों को डरने की आवश्यकता नहीं है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां