मथुरा में फिल्मी अंदाज में दबिश, सर्राफा कारोबारी पिता-पुत्र को उठा ले गई पुलिस; व्यापारियों ने 'अपहरण' समझ काटा हंगामा

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद का सबसे व्यस्ततम इलाका 'चौक बाजार' उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब बिना नंबर की गाड़ियों में सवार हथियारबंद लोगों ने एक नामचीन सर्राफा कारोबारी और उनके पुत्र को जबरन उठा लिया। अचानक हुई इस घटना से बाजार में 'अपहरण' का शोर मच गया, जिसके बाद आक्रोशित व्यापारियों ने बाजार बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। बाद में खुलासा हुआ कि यह कार्रवाई हरियाणा की पलवल पुलिस (सीआईए टीम) द्वारा लूट के एक मामले में की गई थी।
हथियारों के बल पर घेरा, मोबाइल छीने और दी धमकी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब डेढ़ बजे दो बिना नंबर की बोलेरो गाड़ियों में सवार कुछ लोग, जिनमें कुछ पुलिस की वर्दी में और कुछ सादे कपड़ों में थे, प्रमुख बुलियन कारोबारी महेश चंद खंडेलवाल के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। इन लोगों ने हथियारों के बल पर महेश खंडेलवाल और उनके पुत्र चिन्मय खंडेलवाल को घेर लिया और जबरन गाड़ी में बैठाने लगे। जब आसपास के दुकानदारों ने विरोध किया या वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरोप है कि सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने व्यापारियों पर ही असलहे तान दिए और उनके मोबाइल छीन लिए।
ये भी पढ़ें सहारनपुर में शेयर और IPO में निवेश का झांसा देकर 49.76 लाख की ठगी, साइबर क्राइम पुलिस ने FIR दर्ज कीपलवल में हुई 30 किलो चांदी की लूट से जुड़े हैं तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी आशना चौधरी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस जांच में सामने आया कि बीते दिनों हरियाणा के पलवल (फिरोजपुर) में एक व्यापारी से 30 किलो चांदी और 8 लाख रुपये की लूट हुई थी। पकड़े गए लुटेरों ने पूछताछ में कुबूल किया कि लूटी गई चांदी मथुरा के चौक बाजार स्थित खंडेलवाल ज्वैलर्स को बेची गई है। इसी इनपुट पर पलवल सीआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना सीधे दबिश दे दी, जिससे गलतफहमी पैदा हुई।
व्यापारियों का आक्रोश: "दहशतगर्दी जैसा था कार्रवाई का तरीका"
घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने चौक बाजार स्थित मस्जिद के पास जाम लगा दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद कर दिया गया। व्यापारियों का तर्क था कि बिना नंबर की गाड़ियों का इस्तेमाल और स्थानीय लोगों पर हथियार तानना किसी पुलिसिया कार्रवाई जैसा नहीं, बल्कि दहशतगर्दी जैसा था। बाद में सीओ सिटी आशना चौधरी ने व्यापारियों को समझा-बुझाकर शांत किया और बताया कि पिता-पुत्र को पूछताछ के लिए ले जाया गया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां