अमृतसर गगनदीप सुसाइड केस: परिवार ने सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, पूर्व मंत्री भुल्लर को गिरफ्तार करने की मांग

अमृतसर। पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (पीडब्ल्यूसी) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के बाद परिवार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो हम सड़कों पर उतरेंगे और अपनी भी कुर्बानी देंगे। पीडब्ल्यूसी गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप हैं। गगनदीप ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री का नाम लिया। परिवार ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि इस दुख में वे हमारे पीड़ित परिवार के साथ आकर खड़े हों और अपना सहयोग दें।
ये भी पढ़ें कैटरीना कैफ की बर्थडे पार्टी में भिड़े बॉलीवुड के दो बड़े खान, 5 साल बाद ईद पर हुई थी कड़वाहट खत्म
ये भी पढ़ें होर्मुज स्ट्रेट संकट: दक्षिण कोरिया और ईरान के बीच बातचीत शुरू, तेल आपूर्ति बहाल करने की कोशिशगगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी ने सोमवार को कहा कि 21 मार्च को उनकी मौत हुई थी, लेकिन आज 23 तारीख हो चुकी है, लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। हमारी मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ तो हम अपने बच्चों को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे। हम लोग भी अपनी कुर्बानी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पंजाब सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो हम सीबीआई जांच की मांग करेंगे। गगनदीप एक रिश्तेदार ने कहा, "गगनदीप सिंह रंधावा यह बोलकर गया कि मेरे बलि हो रही है, लेकिन यह व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।
ये भी पढ़ें दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार, 2 पर्यटकों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल
आज ये गगनदीप सिंह रंधावा के साथ हुआ है, अगर सरकार ने गलत लोगों को नहीं रोका तो कल किसी और के साथ भी हो सकता है। सरकार से विनती है कि इस मामले को ज्यादा लंबा नहीं खींचा जाए।" उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कातिलों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। गगनदीप सिंह रंधावा की बेटी ने कहा, "वे (आरोपी पक्ष) कहते हैं कि आरोप बेबुनियाद हैं। इसमें कोई सबूत नहीं है। लेकिन मेरे पापा की मौत के मामले में पुख्ता सबूत हैं। उन्हें ऑफिशियल नंबर से 10 बार कॉल आई थी। इसकी टेक्निकल और फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए, जिससे सारी चीजें सामने आ जाएंगी। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें जमानत भी नहीं मिलनी चाहिए।"
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां