फरीदाबाद अग्निकांड में झुलसे आठ की हालत गंभीर,कंपनी मालिक व मैनेजर पर मुकदमा दर्ज..केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने डीसी से ली जानकारी
फरीदाबाद। सेक्टर 24 में मेटल शीट कटिंग करने वाली फैक्ट्री में लगी आग में बुरी तरह से झुलसे कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। देर रात आठ लोगों को दिल्ली पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्स और सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि बाकि का फरीदाबाद में निजी और सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुजेसर थाना पुलिस ने शिव स्टील व कालका जी लुबरीकेन्ट कम्पनी के मालिक वा मेनेजर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में पाया गया है कि कंपनी के द्वारा केमिकल बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के रखे गये थे। जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हांलाकि अभी तक हादसे में किसी की मौत नही हुई है। फरीदाबाद के सांसद और केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सेक्टर 24 में हुए हादसे को लेकर डीसी को फोन कर पूरे मामले की जानकरी ली। मंत्री ने हादसे में घायल सभी लोगों के बेहतर इलाज के लिए भी उनको दिशा-निर्देश दिए है।
ये भी पढ़ें भारत-पाक मैच : पटना में फैंस उत्साहित, महाशिवरात्रि पर विशेष अंदाज में की टीम की विजय कामनामंत्री ने कहा कि यह हादसे बेहद दुखद है, ऐसे में प्रशासन घायल हुए लोगों की पूरी मदद कर रहा है। सोमवार की शाम कंपनी में सीएनसी मशीन से निकली चिंगारी से ड्रम में बंद रखे केमिकल ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते एक के बाद एक केमिकल का ड्रम ब्लास्ट होने लगा और आग ने भयकंर रूप धारण कर लिए। इस केमिकल को मेटल शीट काटते समय प्रयोग में लाया जाता था। हादसे में अभी तक 42 लोगों को घायल होने की सूचना है। जिनमें तीन पुलिस कर्मचारी, दो फायर बिग्रेड कर्मचारी और कंपनी में काम करने वाले वर्करों के साथ वहां से गुजरने वाले लोग शामिल है, जो आग लगने के बाद फैक्ट्री के बाहर खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। इस हादसे का एक वीडियों भी सामने आया है। जिसमें फैक्ट्री के बाहर रखे केमिकल के ड्रमों में एक साथ ब्लास्ट हो रहा है। जिस समय फैक्ट्री में आग लग रही थी, भारी संख्या में आस-पास मजदूर और गुजरने वाले लोग आस-पास खड़े हुए थे, लेकिन जैसे ही ब्लास्ट हुआ सभी वहां से अपनी जान बचाने के लिए भागना शुरू हो गए। ब्लास्ट इतना भयंकर था कि आग का गुबार करीब 50 मीटर तक उठता दिखाई दिया। इस हादसे में दर्जनभर गाड़ी और बाइकों के आग के चपेट में आने की सूचना है। ये सभी फैक्ट्री के बाहर खड़ी हुई थी। आग लगने से गाड़ी और बाइक पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मामले की सूचना पर पहुंचे फोर्स के लोग बचाव का काम कर रहे थे।
लेकिन इसी दौरान एक ड्रम में ब्लास्ट हुआ और उनके वो उसकी चपेट में आ गए। जिनको तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाया गया। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। फैक्ट्री के अंदर और बार रखे केमिकल के ड्रम में लगातार हो रहे ब्लास्ट से वहां पर भगदड़ मच गयी। राह चलते लोगों के अलावा सडक़ पर खड़ी गाडिय़ां भी इसकी चपेट में आ गई। कंपनी के मालिक विजय मोगर भी हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि धमाके के समय वह भी परिसर में मौजूद थे। उनकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 42 लोगों के जलने की सूचना मिली है। इनमें रविंद्र , मनोज , राकेश , सुमित , विपिन , अनीश , विजय , लुकमान, जगराम के अलावा मुन्ना और अभिषेक शामिल है। इनके अलावा एसपीओ अभिषेक, कांस्टेबल अजनेश सहित पांच पुलिस कर्मी भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। इनके अलावा दूसरे लोग भी झुलसे है। एसडीएम त्रिलोक चंद ने बताया कि फायर बिग्रेड की 10 से ज्यादा गाडिय़ों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। फैक्ट्री के आस-पास के इलाके को खाली कराया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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