नोएडा। नोएडा के थाना साइबर क्राइम में दो लोगों ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ितों का कहना है कि साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर उनसे 18 व 36.52 लाख रुपए की ठगी की है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव निवासी नर्मदेश्वर झा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह मूलरूप से मथुरा का रहने वाला है तथा मौजूदा समय में नोएडा के निठारी गांव में रहता है। पीड़ित के अनुसार 16 दिसंबर को उसके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया। मैसेज करने वाले ने अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने पर अधिक मुनाफा होने का लालच दिया। इसके बाद जालसाजों ने व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ लिया। ग्रुप के संचालकों ने खुद को सेबी से पंजीकृत कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उसका विश्वास जीता। उस ग्रुप में बड़ी संख्या में लोग जुड़े थे। वे निवेश होने वाली रकम और लाभ की जानकारी साझा कर रहे थे। इसके बाद ग्रुप के संचालक कथित डॉ. अनिल गोयल ने नर्मदेश्वर के मोबाइल में एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराई। इसके बाद निवेश करने के लिए कथित महिला ओम्मी सलमा से संपर्क हुआ। उसने दावा किया कि शिकायतकर्ता द्वारा भेजी गई रकम को मोबाइल ऐप में रिचार्ज कर देंगी। इसके बाद पीड़ित ने खुद के और दोस्त रामेंद्र सिंह के बैंक खातों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। शुरुआत में 50 हजार निवेश किया। शिकायतकर्ता को ऐप में अधिक से अधिक रकम रखने पर अधिक मुनाफा होने का लालच दिया गया। पीड़ित ने 16 दिसंबर से आठ जनवरी के बीच कुल 18 लाख पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़ित से आईपीओ में शेयर दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई। पीड़ित द्वारा रुपये न देने पर ऐप को बंद कर दिया और उनसे संपर्क तोड़ लिया।
दूसरे ठगी के बारे में जानकारी देते हुए अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विजय कुमार पुत्र राम अवतार सोनकर निवासी सेक्टर पाई-1 ग्रेटर नोएडा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि नवंबर माह में उसके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया। जिसमें ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी गई थी। पीड़ित के अनुसार व्हाट्सएप पर आए लिंक को क्लिक किया। उसके बाद उसकी कुछ लोगों से बातचीत हुई। आरोपियों ने कहा कि शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने पर मोटा मुनाफा होगा। पीड़ित के अनुसार शुरुआती दौर में 50 हजार रुपए से ट्रेडिंग शुरू की। जिसमें 15 प्रतिशत का लाभ हुआ। 25 नवंबर को एक लाख रुपए का पुनः भुगतान किया। जिसमें रकम बढ़ी हुई दिखी। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उसके शेयर को बेचने के बाद दूसरा शेयर खरीद लिया। उसमें भी उसमें भी काफी मुनाफा दिखाई दिया।
अपर उपायुक्त ने बताया कि पीड़ित के अनुसार 11 जनवरी तक आरोपियों के कहे अनुसार विभिन्न बार में कुल 36 लाख 52 हजार रुपए उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें ग्रुप से बाहर निकाल दिया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा दोनों मामलों की जांच की जा रही है।