बाबा ग्रुप पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी, नकदी और शराब की बोतलें बरामद
रांची। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (रांची) द्वारा बाबा ग्रुप से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर की जा रही छापेमारी शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान विभाग की टीम को नकदी, कच्चे व्यापार से जुड़े अहम दस्तावेजों के साथ-साथ शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
आयकर विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बिहार के गयाजी स्थित एक चावल आढ़तिया (कमीशन एजेंट) के ठिकानों से कीमती शराब की बोतलें जब्त की गई हैं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद व्यापारियों के परिसरों से शराब की बरामदगी ने आयकर अधिकारियों को भी हैरानी में डाल दिया है।
आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने 29 जनवरी को बाबा एग्रो, बाबा फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड और चावल के आढ़तियों से जुड़े कुल 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी, जो शुक्रवार को भी जारी रही। दूसरे दिन की कार्रवाई में चावल व्यापारियों के कई ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और कच्चे व्यापार से संबंधित लेन-देन के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। नकदी की गिनती के लिए बैंकों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया है।
रांची में आयकर विभाग की टीम ने नगड़ी, कांके रोड, हरमू रोड और बरियातू इलाके में स्थित बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। इन ठिकानों पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश साहू, निदेशक एस. मोहंती, राज कुमार लाखोटिया, संचिता जायसवाल, मनीष कुमार, राखी साहू, एकता साहू और अमित कुमार तथा कंपनी के सीएफओ ज्ञान प्रकाश साहू से जुड़े परिसरों को खंगाला जा रहा है।
छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, कंप्यूटर रिकॉर्ड, बिल बुक, डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंकिंग दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके अलावा बिहार के गयाजी और औरंगाबाद में भी आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। योगेश साहू बाबा एग्रो फूड प्रोसेसिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी में एस. मोहंती, राज कुमार लाखोटिया और संचिता जायसवाल निदेशक हैं। कंपनी का वार्षिक टर्नओवर लगभग 300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है और यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड है। वहीं, बाबा एग्रो फूड में मनीष कुमार, राखी साहू, एकता साहू और अमित कुमार निदेशक हैं, जबकि ज्ञान प्रकाश साहू कंपनी के सीएफओ हैं। इस समूह का कुल टर्नओवर करीब 1500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
आयकर विभाग ने छापेमारी के दायरे में कंपनी के निदेशकों और प्रमुख पदाधिकारियों को भी शामिल किया है। बाबा एग्रो फूड के माध्यम से सामान्य और बासमती चावल, जबकि बाबा फूड प्रोसेसिंग के जरिए आटा, सूजी और मैदा का बड़े पैमाने पर व्यापार किया जाता है। आयकर विभाग की टीम मिल के संचालन, खरीद-बिक्री, कैश ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। चालू लेन-देन, बिलिंग और टैक्स से जुड़े कागजातों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में आयकर विभाग द्वारा की गई यह पहली बड़ी छापेमारी है। यह कार्रवाई व्यापारियों द्वारा कथित तौर पर वास्तविक आय छिपाकर टैक्स चोरी किए जाने की आशंका को लेकर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां