कर्नल सोफिया मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले मंत्री शाह ने फिर मांगी माफी, वीडियो जारी कर कहा—आवेश में निकले थे शब्द
भोपाल। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ठीक दाे दिन पहले शनिवार काे उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनका किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।
उन्होंने यह भी दोहराया कि भारतीय सेना के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है और रहेगा। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा। साथ ही उन्हाेंने स्वीकार किया कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा, संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है। सबक लिया है। जिम्मेदारी मानता हूं। भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस मामले में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं।
क्या था विवादित बयान
11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में टिप्पणी की थी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' उनके बयान को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और कर्नल सोफिया कुरैशी सहित भारतीय सेना का अपमान करने के आरोप लगे।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार से जवाब तलब
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति को लेकर मध्य प्रदेश सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को 9 फरवरी को कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जा सकता है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण की आवश्यकता है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) भी अब तक इसी रुख पर कायम है।
बढ़ता कानूनी दबाव
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद मंत्री विजय शाह पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में उनकी यह चौथी सार्वजनिक माफी राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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