संभल को मिल सकता है 'एम्स' का तोहफा: सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा प्रस्ताव, पश्चिमी यूपी के स्वास्थ्य ढांचे में होगा क्रांतिकारी बदलाव
दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण मुलाकात; संभल या मुरादाबाद के कुंदरकी-बिलारी में संस्थान बनाने की मांग, गंगा एक्सप्रेसवे और रेल नेटवर्क को बताया आधार
दिल्ली/संभल। समाजवादी पार्टी के संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने क्षेत्र की जनता को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर उन्होंने संभल लोकसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना के लिए औपचारिक प्रस्ताव सौंपा। सांसद बर्क ने मांग की है कि इस संस्थान को संभल जनपद या फिर मुरादाबाद जिले के कुंदरकी और बिलारी विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित किया जाए, जिससे समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लाभ मिल सके।
वित्त मंत्री को सौंपे गए मांग पत्र में सांसद बर्क ने ठोस तर्क देते हुए बताया कि संभल लोकसभा क्षेत्र भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। यहाँ चंदौसी और मुरादाबाद जैसे प्रमुख रेलवे जंक्शन मौजूद हैं। साथ ही, गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूर्ण होने

से यह क्षेत्र दिल्ली और लखनऊ से सीधे व तेजी से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि यहाँ एम्स बनने से न केवल संभल और मुरादाबाद, बल्कि बरेली, बदायूं, अमरोहा और शाहजहांपुर जैसे जिलों के लाखों लोगों को दिल्ली या लखनऊ भागे बिना घर के पास ही सस्ता और विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
सियासी हलचल और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा
उल्लेखनीय है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री ने भी चंदौसी में एम्स की मांग उठाई थी। सांसद जियाउर्रहमान बर्क द्वारा सीधे केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात कर पूरे लोकसभा क्षेत्र के हितों की वकालत करना इस मांग को और मजबूती प्रदान कर रहा है। सांसद ने जोर देकर कहा कि आयुष्मान भारत योजना और केंद्र के स्वास्थ्य विस्तार कार्यक्रम के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक और एम्स की नितांत आवश्यकता है।
विकास और रोजगार के खुलेंगे द्वार
मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसद के प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इसे उच्च स्तर पर विचार के लिए भेजने का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मेडिकल रिसर्च और टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। सांसद ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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