जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को कई जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद पुलिस ने परिसर खाली कराया और गहन तलाशी ली। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस टीम को कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर सुबह साढ़े चार बजे के करीब एक मेल आया है। इसमें न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सुबह 10 बजे न्यायालय खुलने के बाद इसकी जानकारी अधिकारियों को मिली, तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बम और डॉग स्क्वाड के जरिए पूरे कोर्ट परिसर की जांच की गई। हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
धमकी भरे मेल में लिखा गया है कि जगदलपुर न्यायालय परिसर में दाे सुसाइड बम धमाके किए जाएंगे। इसके साथ ही तीन जहर गैस बम भी लगाए जाने का दावा किया गया। मेल में यह भी लिखा गया कि दोपहर 1:45 बजे तक जजों को न्यायालय से बाहर निकाल लिया जाए, नहीं तो बड़ा नुकसान होगा। बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अपनी पूरी टीम के साथ कोर्ट परिसर पहुंचकर एहतियातन पूरा न्यायालय परिसर खाली कराया। इसके बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के द्वारा हर हिस्से की गहन जांच शुरू की गई। न्यायालय परिसर में खड़े सभी वाहनाें की जांच की गई। हर कक्ष, चेंबर और आस-पास के इलाकों को खंगाला गया। सुरक्षा कारणों से काफी देर तक न्यायालय का काम-काज पूरी तरह प्रभावित रहा। फिलहाल जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और बस्तर में न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि न्यायालय के आधिकारिक ई-मेल पर बम की धमकी मिली थी। सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए पूरे परिसर की जांच कराई गई है। अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। मामले की साइबर और तकनीकी जांच भी की जा रही है। इससे पहले अंबिकापुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया था। न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। इसके बाद न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और हर व्यक्ति की सघन जांच की गई। सरगुजा एसएसपी एवं डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को ईमेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना के बाद तत्काल पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे परिसर की जांच की गई है।
उन्होंने कहा कि जो ईमेल प्राप्त हुआ है, उसे गंभीरता से लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि मेल कहां से और किसने भेजा है। साथ ही उसके पीछे का उद्देश्य क्या है। फिलहाल जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत की गई है और लगातार चेकिंग जारी है। इसी तरह राजनांदगांव जिला न्यायालय परिसर और जांजगीर चांपा जिला एवं सत्र न्यायालय काे बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।पूरे परिसर की सघन जांच की गई। फिलहाल किसी भी प्रकार संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई। मेल कहां से आया किसने भेजा था, इसकी जांच की जा रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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